छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 10 माह 4 दिन में पूरे किए 5 लाख घर
By : hashtagu, Last Updated : February 5, 2026 | 7:15 pm
रायपुर, छत्तीसगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana – PMAY) के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में नया राष्ट्रीय कीर्तिमान (National Record) स्थापित किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में राज्य में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों (Houses) का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि सुशासन (Good Governance), मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्यान्वयन का परिणाम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के पालन में राज्य के सभी जिलों द्वारा सतत, संगठित और अथक प्रयास किए गए, जिसके चलते छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवास निर्माण का रिकॉर्ड पहली बार कायम किया। मानसून अवधि के बावजूद औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन की मिसाल पेश की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा इस उपलब्धि की मजबूत नींव बनी। बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 और रायगढ़ में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने अग्रणी भूमिका निभाई। इसके साथ ही मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली और जैजैपुर जनपद पंचायतों ने भी 7,500 से अधिक आवास बनाकर उल्लेखनीय योगदान दिया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य शुरू किया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। इस पहल से 8,000 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनी हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएं और 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ सामाजिक पुनर्वास का भी प्रभावी माध्यम बन रही है।
इसके अलावा आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन के लिए कार्य स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव है। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसे छत्तीसगढ़ की मजबूत प्रशासनिक क्षमता और सुशासन आधारित विकास नीति का स्पष्ट प्रमाण बताया।




