रायपुर। एक जमाना था जनाब, जब पांच तक नकली और अप्रचलित शराब का धंधा इतना जोर से कांग्रेसी की पूर्ववर्ती सरकार में चला कि 2500 हजार का घोटाला हो गया। वैसे इसकी शिकायत पर मोदी की ऐसी चोट पड़ी सभी शराब के नाम पर जहर परोसने और पूरे छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों की जेब पर डाका डालने वाले जेल की हवा खा रहे हैं। जनता ने कमल को वोट देकर भाजपा की विष्णुदेव साय की सरकार बनाई जो, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था देते हुए शराब के गोरख धंधे पर लगाम लगाने का निर्णय लिया। साथ ही जनता को रेट में भी थोड़ी राहत देने का फैसला लेकर सुरा प्रेमियों का दिल जीत लिया है। बहरहाल, अब आते हैं असल मुद्दे पर।
यहां खास बात है कि छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग (Chhattisgarh Excise Department) ने साल 2025-26 के लिए शराब की नई दरें निर्धारित (New liquor rates fixed for 2025-26) कर दी हैं। नई दरों के मुताबिक एक अप्रैल से प्रदेश में शराब की कीमतों में 4 प्रतिशत की कमी आएगी। इसका मतलब यह हुआ कि, 1000 रुपये की बोतल पर 40 रुपये तक कीमत कम हो जाएगी। नए निर्णय के मुताबिक, मैकडॉवेल नंबर वन का पौव्वा प्रदेश में नहीं बिकेगा।
आबकारी विभाग ने थोक में शराब खरीदने के लिए कीमत ऑफर किए थे। जिससे शराब की सप्लाई कम कीमत पर सुनिश्चित की जा सके। 20 मार्च को इसे खोला गया, जिसमें कंपनियों के साथ बातचीत कर समझौता किया गया। इसके बाद शराब की फुटकर दरें तय कर सभी जिलों के कलेक्टरों को सर्कुलर भेजा गया।
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