छत्तीसगढ़: बुधरी ताती, डॉ. रामचंद्र और संगीता गोडबोले को पद्मश्री सम्मान 2026

By : ira saxena, Last Updated : January 25, 2026 | 7:05 pm

रायपुर, छत्तीसगढ़, 25 जनवरी 2026। केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस (Republic Day) 2026 की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार (Padma Awards) की घोषणा की है, जिसमें छत्तीसगढ़ के तीन गणमान्य (distinguished) नागरिकों का नाम शामिल किया गया है। इस वर्ष बुधरी ताती (Budhri Tati), डॉ. रामचंद्र त्र्यंबक गोडबोले (Dr Ramchandra Trimbak Godbole) और संगीता गोडबोले (Sangeeta Godbole) को पद्मश्री (Padma Shri) सम्मान से नवाजा जाएगा।

बुधरी ताती दक्षिण बस्तर के अबूझमाड़ (Abujhmad) क्षेत्र की समाजसेविका हैं जिन्होंने पिछले लगभग चार दशकों से आदिवासी (tribal) बच्चियों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर (self‑reliant) बनाने और बुजुर्गों की सेवा के लिए निरंतर (continuous) काम किया है। कठिन परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित (naxal‑affected) इलाकों में भी उन्होंने 500 से अधिक महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण, शिक्षा और जागरूकता (awareness) कार्यक्रमों के जरिए सहायता दी है और स्थानीय लोग उन्हें सम्मान से “बड़ी दीदी (big sister)” कहते हैं।

डॉ. रामचंद्र त्र्यंबक गोडबोले आयुर्वेद चिकित्सक (Ayurvedic doctor) हैं और अपनी पत्नी संगीता गोडबोले के साथ अबूझमाड़ तथा बस्तर के दुर्गम (remote) आदिवासी इलाकों में मुफ्त चिकित्सा सेवा (free medical service) देते आए हैं। दोनों “ट्रस्ट फॉर हेल्थ (Trust for Health)” के माध्यम से ऐसे गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाते हैं जहां सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क तक नहीं है। उन्होंने कुपोषण (malnutrition) और स्वास्थ्य जागरूकता के खिलाफ भी काम किया है।

तीनों को पद्मश्री 2026 पुरस्कार उनके समाज सेवा (social service) और स्वास्थ्य क्षेत्र में असाधारण (outstanding) योगदान के लिए दिया जाएगा। इस घोषणा से छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है और राज्य के सामाजिक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।