रायपुर (छत्तीसगढ़): प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत छत्तीसगढ़ में पक्के आवास (Permanent Houses) निर्माण का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार “हर गरीब को पक्का घर” (Housing for All) के संकल्प को मिशन मोड में पूरा करने में जुटी है। प्रदेश में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि पिछले ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। योजना के माध्यम से जहां गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल रहे हैं, वहीं हजारों महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिले हैं, जिससे वे ‘लखपति दीदी’ बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी और तेज क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था के तहत वितरित की गई है, ताकि आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आवास निर्माण कार्य लगातार तेज गति से जारी है। वर्तमान में हर दिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। वहीं वर्ष 2025-26 के दौरान ही 6 लाख से ज्यादा आवासों का निर्माण पूरा हुआ है। इन उपलब्धियों के साथ छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सफल क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पक्का घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। निर्माण कार्यों से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इससे हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि योजना के विस्तार और निर्माण कार्यों में तेजी से आने वाले समय में और अधिक पात्र परिवारों को पक्के घरों का लाभ मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।