छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की नई कमान संगीता सिन्हा के हाथ, महंगाई और महिला आरक्षण पर बीजेपी सरकार को घेरा
By : hashtagu, Last Updated : May 15, 2026 | 10:42 pm
रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस (Mahila Congress) की नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष संगीता सिन्हा (Sangeeta Sinha) ने शुक्रवार को राजीव भवन में पदभार ग्रहण किया। इस दौरान कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने महंगाई (Inflation), पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, गैस सिलेंडर और महिला आरक्षण (Women Reservation) जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर हमला बोला।
संगीता सिन्हा ने राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम से औपचारिक रूप से पदभार संभाला। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिला कांग्रेस को संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर आक्रामक भूमिका निभानी होगी। नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है, लेकिन केंद्र सरकार राहत देने के बजाय जनता को कम खर्च करने की सलाह दे रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार चुनावी राजनीति में व्यस्त रही, जबकि जनता महंगाई से परेशान होती रही। उन्होंने महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं से 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कार्यक्रम में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस ने पहले भी जनहित के मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाई है और अब पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और महंगाई के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने की जरूरत है।
भूपेश बघेल ने कहा कि जिस तरह पहले भाजपा नेता गैस सिलेंडर लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करते थे, अब महिला कांग्रेस को भी बढ़ती महंगाई के खिलाफ उसी तरह आंदोलन करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अभियान चलाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा और कहा कि महिलाओं को सिर्फ राजनीतिक वादों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें वास्तविक भागीदारी और अधिकार मिलने चाहिए।




