रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का रजत जयंती समारोह: राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी, स्पीकर रमन सिंह ने गिनाईं 565 विधेयकों की उपलब्धियां

By : dineshakula, Last Updated : March 24, 2025 | 12:13 pm

रायपुर : रायपुर की फिजा सोमवार को कुछ खास थी। एयरफोर्स के विशेष विमान से जैसे ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murru) छत्तीसगढ़ की राजधानी पहुंचीं, पारंपरिक नृत्य के रंगों में सजे कलाकारों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह कोई सामान्य दिन नहीं था। छत्तीसगढ़ विधानसभा के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया था—एक ऐसा पल जब राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा को पीछे मुड़कर देखा गया और भविष्य के लिए उम्मीदों की नींव रखी गई।

विधानसभा परिसर में आयोजित इस भव्य आयोजन की मुख्य अतिथि बनीं राष्ट्रपति मुर्मू ने लोकतंत्र की ताकत और जनभागीदारी की भावना का अभिनंदन किया। वहीं, राज्य के विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने मंच से एक तथ्यात्मक और गौरवपूर्ण सफर को जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा अब तक कुल 565 विधेयकों को पारित कर चुकी है—हर विधेयक राज्य के सामाजिक ढांचे और कल्याणकारी दृष्टिकोण की एक अहम कड़ी रहा।

डॉ रमन सिंह ने बताया कि 2005 में छत्तीसगढ़ ने महिलाओं की गरिमा को सुरक्षित रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। टोनही प्रताड़ना जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए विशेष कानून पारित किया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विधानसभा ने प्रभावी भूमिका निभाई। गरीबों को सस्ती दरों पर अनाज देने के लिए लोक गारंटी विधेयक पारित किया गया, जिसने राज्य को सामाजिक न्याय के पथ पर आगे बढ़ाया।

स्पीकर ने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ की वर्तमान विधानसभा, जो कि राज्य की छठी विधानसभा है, सामाजिक विविधता की एक मिसाल है। कुल 90 सदस्यीय सदन में 30 विधायक अनुसूचित जनजातियों से, 10 अनुसूचित जातियों से, 35 ओबीसी वर्ग से, और 15 सामान्य वर्ग से आते हैं। महिला सदस्यों की संख्या 19 है, जो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को दर्शाती है। खास बात यह रही कि इस बार सदन में चुने गए 90 में से 51 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं—यह बताता है कि प्रदेश की राजनीति में नई पीढ़ी ने प्रवेश किया है और लोकतंत्र में विश्वास बढ़ा है।

राष्ट्रपति मुर्मू विधानसभा में विधायकों और मंत्रियों को भी संबोधित करेंगी। उनके आगमन ने समारोह को गरिमा प्रदान की है और एक संदेश दिया है कि संसद हो या विधानसभा, लोकतंत्र की शक्ति जनता के विश्वास से ही चलती है।

रजत जयंती समारोह केवल आंकड़ों की गिनती नहीं, बल्कि उस आत्मा की पहचान है जिसने पिछले ढाई दशकों में छत्तीसगढ़ को कानून और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया। राष्ट्रपति की मौजूदगी ने इस सफर को मान्यता दी है और आगे की राह को प्रेरणा।

छत्तीसगढ़ की विधानसभा, जो एक समय नवनिर्मित राज्य की नाजुक शुरुआत का प्रतीक थी, अब 25 वर्षों के अनुभव के साथ आत्मविश्वास से भरी हुई संस्था बन चुकी है। यह सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि उस विचार का विस्तार है जो हर नागरिक की उम्मीदों और अधिकारों को मंच प्रदान करता है।