तमनार हिंसा में महिला आरक्षक से अमानवीयता, वर्दी फाड़ी गई, खेत में अर्धनग्न कर बनाया वीडियो, 5 आरोपी गिरफ्तार
By : hashtagu, Last Updated : January 3, 2026 | 8:19 pm
तमनार, रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले (Raigarh district) के तमनार ब्लॉक में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) कोयला खदान के विरोध के दौरान हुई हिंसा में महिला आरक्षक के साथ बेहद शर्मनाक और अमानवीय व्यवहार सामने आया है। प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और खेत में गिरने के बाद उसकी वर्दी फाड़ दी। इस दौरान महिला आरक्षक को अर्धनग्न कर उसका वीडियो भी बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, बदसलूकी और गंभीर अपराध के मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास, सभी निवासी ग्राम आमगांव और वनमाली राठिया निवासी ग्राम झरना शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इस मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
घटना का करीब 40 सेकेंड का वीडियो सामने आया है, जिसमें महिला आरक्षक रोते हुए प्रदर्शनकारियों से भाई कहकर छोड़ देने की गुहार लगाती दिख रही है। वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी उससे बदसलूकी करते हुए धमकी भरे शब्द भी कहते सुनाई दे रहे हैं। इससे पहले महिला थाना प्रभारी को लात-घूंसे मारने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
पूरा मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। JPL कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीण इकट्ठा होकर सड़क पर बैठ गए और आवागमन रोक दिया। हालात बिगड़ते देख करीब 10 बजे प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाकर धरनास्थल के टेंट में वापस भेजा गया।
कुछ समय बाद भीड़ की संख्या बढ़कर करीब 1000 तक पहुंच गई। घरघोड़ा के एसडीएम और पुलिस अधिकारी माइक से लगातार शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन दोपहर करीब ढाई बजे अचानक स्थिति बेकाबू हो गई। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पत्थर व डंडों से हमला शुरू कर दिया। इस दौरान तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम को महिलाओं ने लात-घूंसे मारे, जिससे कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
जिला प्रशासन के अनुसार उग्र भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस में आग लगा दी। कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुस गई, जहां कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। प्लांट के दफ्तर में भी तोड़फोड़ की गई।
इस घटना को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पिछले पौने दो साल में जनता में अविश्वास और विद्रोह बढ़ा है, जो सरकार के लिए आत्ममंथन का विषय है और इस घटना ने मानवता को शर्मसार किया है। वहीं भाजपा नेताओं ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।




