नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में तेज गर्मी (heatwave) के बीच दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए हीटस्ट्रोक (heatstroke) का खतरा बढ़ गया है। लंबे समय तक धूप में सफर करने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और डिहाइड्रेशन (dehydration) जैसी स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म हवा और तेज धूप में लगातार ड्राइविंग करने से थकान, चक्कर आना और अचानक तबीयत बिगड़ने का खतरा रहता है। इसलिए राइडर्स को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
सबसे जरूरी बात यह है कि शरीर को हमेशा हाइड्रेट (hydrated) रखें। नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें, भले ही प्यास महसूस न हो। नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे शरीर में जरूरी लवणों की कमी पूरी होती है।
राइडिंग के दौरान हल्के और ढीले कपड़े पहनना चाहिए ताकि शरीर को हवा मिलती रहे। वेंटिलेशन वाले हेलमेट और हल्के गियर का इस्तेमाल करने से भी गर्मी से बचाव में मदद मिलती है।
दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय तापमान सबसे अधिक होता है और हीटस्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। बेहतर होगा कि यात्रा सुबह या शाम के समय की जाए।
अगर लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं तो बीच-बीच में ब्रेक लेना जरूरी है। छांव या ठंडी जगह पर रुककर शरीर को आराम देना चाहिए, जिससे गर्मी का असर कम हो सके।
इसके अलावा शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सिरदर्द, चक्कर आना, ज्यादा पसीना, कमजोरी या मतली जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत रुककर पानी पीना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि हीटस्ट्रोक केवल असुविधा नहीं बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए गर्मी के मौसम में सतर्क रहना और जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।