धमकियों के बीच धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान, बोले—सनातन के लिए खड़े रहेंगे, हिंदू राष्ट्र का लक्ष्य दोहराया

By : hashtagu, Last Updated : March 12, 2026 | 8:20 pm

छतरपुर, मध्य प्रदेश। बागेश्वर धाम (bageshwar dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है कि उन्हें लगातार धमकियां (Threats) मिल रही हैं और उनके खिलाफ साजिशें (Conspiracy) रची जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे सनातन धर्म (Sanatan Dharma) के लिए खड़े रहेंगे। एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होंने अपने समर्थकों से साथ देने की अपील की और कहा कि वे प्रार्थना करेंगे, लेकिन समाज को भी एकजुट होकर आगे आना होगा।

अपने संबोधन में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर हिंदू राष्ट्र की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि वे प्रार्थना जरूर करेंगे, लेकिन लोगों को उनके साथ खड़ा होना होगा ताकि हिंदू राष्ट्र का लक्ष्य पूरा किया जा सके। उनका कहना था कि यदि समाज आज एकजुट नहीं हुआ तो आने वाले समय में देश के शहरों और गांवों में भी वैसी स्थितियां बन सकती हैं जैसी वे अन्य देशों में देख रहे हैं।

भाषण के दौरान शास्त्री ने दिल्ली की हालिया घटना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार होली के दौरान पानी का गुब्बारा फेंके जाने की बात पर 27 साल के एक युवक की हत्या कर दी गई। उन्होंने इस घटना को भविष्य के लिए खतरे का संकेत बताया और कहा कि लोग जितना खुद को सुरक्षित समझते हैं, उतने सुरक्षित नहीं हैं।

उन्होंने अपने भाषण में “सांप बिस्तर के नीचे” का रूपक देते हुए कहा कि संकट सबके आसपास मौजूद है। फर्क सिर्फ इतना है कि उन्हें वह खतरा दिखाई दे रहा है, जबकि आम लोग उसे नजरअंदाज कर रहे हैं। उनका कहना था कि जागरूक रहकर ही इससे बचाव संभव है और यह समय सोने का नहीं बल्कि सतर्क रहने का है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ योजनाएं बनाई जा रही हैं, संदिग्ध लोगों को भेजा जा रहा है और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना था कि प्राण भले ही दे दें, लेकिन हिंदुओं को नीचा नहीं देखने देंगे और जब तक जिएंगे, सनातन के लिए ही जिएंगे।

भाषण के अंत में उन्होंने लोगों से कहा कि उन्हें बाबाओं के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे लोगों से अपनी पूजा करवाने के लिए नहीं बैठे हैं, बल्कि उनका उद्देश्य लोगों को हनुमान जी से जोड़ना है। उनका कहना था कि भक्तों को दर-दर भटकने के बजाय सीधे भगवान से जुड़ना चाहिए, यही सही रास्ता है।