कैलाश विजयवर्गीय केस विवाद: बंगाल के मामलों को लेकर सियासत गरम, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग

शंकर लालवानी ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कैलाश विजयवर्गीय को जानबूझकर निशाना बनाया गया और उनके खिलाफ कई झूठे केस दर्ज किए गए।

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  • Publish Date - May 6, 2026 / 08:35 PM IST

इंदौर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को लेकर आपराधिक मामलों (Criminal Cases) और चुनावी हलफनामे (Election Affidavit) को लेकर सियासी विवाद (Political Controversy) तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल में दर्ज मामलों (Cases in West Bengal) को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। इंदौर से भाजपा सांसद शंकर लालवानी ने दावा किया है कि विजयवर्गीय के खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक द्वेष (Political Rivalry) के तहत लगाए गए थे और इन्हें धीरे-धीरे वापस लिया जाएगा।

शंकर लालवानी ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कैलाश विजयवर्गीय को जानबूझकर निशाना बनाया गया और उनके खिलाफ कई झूठे केस दर्ज किए गए। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सभी मामलों में सच्चाई सामने आएगी और केस खत्म होंगे।

इससे पहले खुद कैलाश विजयवर्गीय ने बयान दिया था कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 “फर्जी” आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि चुनावी दौर में उन्हें गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा और वे राजनीतिक साजिश का शिकार हुए।

वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि विजयवर्गीय ने अपने चुनावी हलफनामे में इन मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी। पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए मांग की है कि इस मामले में कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी उम्मीदवार ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी छुपाई है तो यह गंभीर उल्लंघन है और ऐसे मामलों में चुनाव रद्द तक किया जा सकता है। वहीं भाजपा इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।

इस पूरे विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आने वाले समय में यह मामला चुनाव आयोग और न्यायपालिका तक पहुंचकर और बड़ा रूप ले सकता है।