एमपी गेहूं खरीदी विवाद 2026: MSP पर सियासत तेज, कमलनाथ का बीजेपी पर बड़ा हमला, किसानों को नुकसान का आरोप

By : hashtagu, Last Updated : April 24, 2026 | 7:45 pm

भोपाल, मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी (Wheat Procurement) को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP – Minimum Support Price) का लाभ नहीं मिल रहा और पूरी प्रक्रिया उपार्जन (Procurement) व्यवस्था, सैटेलाइट सर्वे (Satellite Survey) और स्लॉट बुकिंग (Slot Booking) जैसी जटिल व्यवस्थाओं के कारण प्रभावित हो रही है।

कमलनाथ ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसान अपनी फसल कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया इतनी जटिल बना दी गई है कि किसान सरकारी केंद्रों के बजाय खुले बाजार में कम कीमत पर बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि खरीदी प्रक्रिया में देरी, बार-बार बदलती तारीखें और सख्त नियमों ने किसानों की स्थिति और खराब कर दी है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में लाखों किसान खरीदी प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं, जिससे उन्हें MSP का लाभ नहीं मिल पा रहा। कमलनाथ ने कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है और किसान अब सिर्फ मौसम ही नहीं बल्कि सरकारी नीतियों से भी परेशान है।

मंडी स्तर पर भी गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कई जगहों पर तौल और गुणवत्ता के नाम पर कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है।

कमलनाथ ने बीजेपी सरकार से सवाल किया कि अगर MSP लागू है तो किसानों को उसका पूरा लाभ क्यों नहीं मिल रहा और आखिर क्यों बड़ी संख्या में किसान खरीदी से बाहर हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो किसानों का भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।