MPPSC अभ्यर्थियों का इंदौर में धरना, 10 मांगों को लेकर चेतावनी—नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

By : hashtagu, Last Updated : January 26, 2026 | 8:07 pm

इंदौर / मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के अभ्यर्थियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर इंदौर स्थित MPPSC कार्यालय के सामने धरना (sit-in protest) शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और यह अनिश्चितकाल तक चल सकता है।

यह धरना नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के बैनर तले हाईकोर्ट की अनुमति के बाद शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि करीब 13 महीने पहले भी वे इन्हीं मांगों को लेकर आंदोलन कर चुके हैं और उस समय मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद आश्वासन मिले थे, लेकिन अब तक कई मांगें अधूरी हैं।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में इंटरव्यू (interview) के अंकों को 185 से घटाकर 100 करना, 87:13 फॉर्मूला हटाकर 100 प्रतिशत पदों पर अंतिम चयन सूची जारी करना, मेंस परीक्षा (mains exam) की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने की व्यवस्था, राज्य सेवा परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाना, UPSC (Union Public Service Commission) की तर्ज पर एक साल के भीतर पूरी चयन प्रक्रिया, सभी परीक्षाओं के लिए एक बार की फीस 100 रुपये तय करना और राज्य वन सेवा में UR, OBC और EWS वर्ग के लिए 100 पद सुनिश्चित करना शामिल है।

धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि स्टेट सर्विस एग्जाम (State Service Exam) में पदों की संख्या लगातार कम होती जा रही है, जिससे योग्य युवाओं को नौकरी (job) के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। वे MPPSC भर्ती प्रक्रिया (recruitment process) में पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन का तीसरा दिन भी शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए हैं और कहा है कि कानून व्यवस्था (law and order) बनाए रखी जा रही है ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो।

MPPSC अभ्यर्थियों का यह आंदोलन राज्य में भर्ती प्रक्रिया को लेकर बढ़ती नाराजगी को दिखाता है और अब सभी की नजरें सरकार और आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।