पेंच की लंगड़ी बाघिन ने रचा इतिहास 18 साल की उम्र में बनी मध्यप्रदेश की सबसे बुजुर्ग टाइगर क्वीन

By : hashtagu, Last Updated : January 3, 2026 | 12:56 pm

सिवनी: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले स्थित पेंच नेशनल पार्क (Pench National Park) की मशहूर लंगड़ी बाघिन ने वन्यजीव इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। यह बाघिन अब केवल पेंच की नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के सभी नेशनल पार्कों की सबसे उम्रदराज जीवित बाघिन बन चुकी है। विशेषज्ञों और रिकॉर्ड के अनुसार बाघिन की औसत उम्र 12 से 14 वर्ष मानी जाती है लेकिन पेंच की यह लंगड़ी बाघिन 18 वर्ष की उम्र में भी जीवित है और संघर्ष करते हुए जीवन जी रही है।

कुछ वर्षों तक दिखाई न देने के कारण इस बाघिन के मरने की अफवाह फैल गई थी। माना जा रहा था कि उम्र और कमजोरी के चलते उसकी मौत हो चुकी है लेकिन हाल ही में वह अपने पुराने क्षेत्र कर्माझिरी में वापस नजर आई। अक्टूबर और दिसंबर महीने में पर्यटकों ने उसे देखा और उसकी तस्वीरें तथा वीडियो सामने आए जिसके बाद यह साफ हो गया कि वह जीवित है। इस खबर से पेंच प्रबंधन के साथ साथ पर्यटकों में भी खुशी की लहर है।

लंगड़ी बाघिन को पहली बार वर्ष 2008 में पर्यटकों और गाइडों ने देखा था। उसके सामने के एक पैर के पंजे की बनावट अलग होने और चलने के अंदाज के कारण उसे लंगड़ी नाम दिया गया। पेंच नेशनल पार्क के रिकॉर्ड में उससे जुड़ी सभी जानकारियां दर्ज हैं और वह लंबे समय से पार्क की पहचान बन चुकी है।

पेंच प्रबंधन के अनुसार यह बाघिन पेंच की प्रसिद्ध कॉलर वाली बाघिन की बहन है। कॉलर वाली बाघिन का जन्म वर्ष 2005 में हुआ था और 2022 में 17 वर्ष की उम्र में उसकी मौत हो गई थी। वहीं वर्ष 2008 में जन्मी लंगड़ी बाघिन वर्ष 2026 में भी जीवित है और सर्वाइव कर रही है। इस तरह उसने अपनी ही बहन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए मध्यप्रदेश की सबसे उम्रदराज बाघिन बनने का गौरव हासिल किया है।

पेंच नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि कुछ समय तक नजर न आने के कारण लोगों ने उसकी मौत की अफवाह फैला दी थी लेकिन अब यह स्पष्ट हो चुका है कि वह जीवित है। उन्होंने बताया कि बाघिन अब शारीरिक रूप से कमजोर जरूर हो गई है लेकिन इसके बावजूद वह जंगल में अपना अस्तित्व बनाए हुए है। यह पेंच नेशनल पार्क के संरक्षण प्रयासों और प्राकृतिक संतुलन का एक दुर्लभ और प्रेरणादायक उदाहरण है।