सुप्रीम कोर्ट में अजीबोगरीब मामला: खुद को ‘सॉवरेन याचिकाकर्ता’ बताने वाले शख्स पर CJI बीआर गवई नाराज, कोर्ट ने दिए आदेश

By : hashtagu, Last Updated : July 10, 2026 | 9:30 pm

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक सुनवाई के दौरान उस समय असामान्य स्थिति पैदा हो गई, जब एक याचिकाकर्ता ने खुद को सॉवरेन याचिकाकर्ता (Sovereign Petitioner) बताते हुए अदालत के आदेशों पर आपत्ति जताई और कागजात फेंक दिए। मामले की सुनवाई कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई (CJI BR Gavai) की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए अदालत की प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने खुद को सामान्य कानूनी प्रक्रिया से अलग बताते हुए अपनी दलीलें रखीं। रिपोर्ट के अनुसार, उसने अदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठाए और खुद को “सॉवरेन” बताने का दावा किया। बहस के दौरान स्थिति तब बिगड़ी जब उसने कुछ दस्तावेज फेंक दिए।

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने अदालत की गरिमा बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि न्यायालय में सुनवाई एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होती है और किसी भी पक्ष को अनुशासन बनाए रखना होगा। पीठ ने मामले में उचित आदेश पारित किए और याचिकाकर्ता के व्यवहार को गंभीरता से लिया।

सुप्रीम कोर्ट में कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां कुछ लोग संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए खुद को “सॉवरेन सिटिजन” या इसी तरह की श्रेणी से जोड़ने की कोशिश करते हैं। अदालतें ऐसे मामलों में स्पष्ट कर चुकी हैं कि भारत में सभी नागरिक कानून और संविधान के दायरे में आते हैं।

इस घटना के बाद अदालत परिसर में याचिकाकर्ता के व्यवहार को लेकर चर्चा शुरू हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि न्यायिक कार्यवाही में सम्मान और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।