लखनऊ, 26 जनवरी (आईएएनएस)| छह साल का मुस्तफा लखनऊ में इमारत गिरने के हादसे में बाल-बाल बच गया, लेकिन उसने अपनी मां उजमा और दादी बेगम हैदर को खो दिया। बचे 14 लोगों में शामिल मुस्तफा का एसपीएम सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
लड़के ने कहा कि यह उसके पसंदीदा कार्टून शो (cartoon show) से सीखे गए सबक थे जिसने उसकी जान बचाई।
मुस्तफा ने कहा, “मैं डर गया था लेकिन मुझे कार्टून शो ‘डोरेमोन’ (doremon) का एक एपिसोड याद आया जिसमें नोबिता (Nobita) (श्रृंखला का केंद्रीय पात्र) को भूकंप के दौरान घर के कोने में या बिस्तर के नीचे शरण लेकर खुद को बचाने के बारे में सिखाया गया था। एक सेकंड बर्बाद किए बिना, मैंने बिस्तर के नीचे शरण ले ली थी।”
उसने कहा, “मैंने मम्मी को भागते और चिल्लाते देखा। कुछ ही समय में, पूरी इमारत ढह गई और सब कुछ अंधेरा हो गया।”
मुस्तफा के पिता अब्बास हैदर, जो समाजवादी पार्टी (samajwadi party) के प्रवक्ता हैं, घटना के समय घर पर नहीं थे, जबकि उनके दादा, अमीर हैदर इस घटना में बाल-बाल बच गए।
बुधवार शाम तक लड़के को उसकी मां के निधन के बारे में नहीं बताया गया था।
परिवार ने सोमवार को मुस्तफा के दादा-दादी की शादी की गोल्डन जुबली मनाई थी।