India Army Warning: भारतीय सेना ने सीमा पर बढ़ती ड्रोन गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान को साफ और कड़ा संदेश दिया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि पाकिस्तान को अपनी ओर से हो रही ड्रोन गतिविधियों पर तुरंत नियंत्रण करना चाहिए, क्योंकि इस तरह की हरकतें क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारतीय सेना सीमा की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सेना प्रमुख के अनुसार, बीते कुछ दिनों में भारत-पाक सीमा के अलग-अलग इलाकों में कई छोटे ड्रोन देखे गए हैं। ये ड्रोन रात के समय कम ऊंचाई पर उड़ते हुए नजर आए, जिनमें कुछ में रोशनी भी लगी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, तस्करी या किसी बड़ी साजिश की तैयारी के लिए किया जा सकता है। हालांकि भारतीय सेना की कड़ी निगरानी व्यवस्था के चलते इन सभी गतिविधियों पर नजर रखी गई और किसी भी तरह की घुसपैठ या नुकसान की कोशिश को नाकाम कर दिया गया।
इस मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर बातचीत भी हुई, जिसमें भारतीय पक्ष ने ड्रोन देखे जाने की घटनाओं पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की गतिविधियां संघर्षविराम की भावना के खिलाफ हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। सेना ने यह भी दोहराया कि सीमा पर कोई खाली जगह या कमजोरी नहीं है, जहां से आतंकवादी या असामाजिक तत्व भारत में घुसपैठ कर सकें।
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के जैसलमेर सेक्टर और जम्मू-कश्मीर के नौशेरा-राजौरी इलाकों में सबसे ज्यादा ड्रोन गतिविधियां देखी गईं। इसके बाद भारतीय सेना ने काउंटर-ड्रोन सिस्टम को सक्रिय किया और सीमा पर निगरानी को और मजबूत कर दिया। सेना के अनुसार, हर संदिग्ध उड़ान पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है और सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।
भारतीय सेना की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब सीमा पर पहले से ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। बीते वर्षों में ड्रोन के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और विस्फोटक भेजने की कई कोशिशें सामने आ चुकी हैं, जिन्हें सुरक्षा बलों ने नाकाम किया है। ऐसे में सेना का यह रुख स्पष्ट करता है कि भारत किसी भी तरह की सीमा पार साजिश को सफल नहीं होने देगा।
सेना प्रमुख के बयान से यह संदेश साफ है कि भारत शांति चाहता है, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान से अपेक्षा की गई है कि वह जिम्मेदारी दिखाए और ड्रोन जैसी खतरनाक गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाए, ताकि सीमा पर हालात नियंत्रण में बने रहें।