नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बड़ा बयान दिया है। सरकार ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) खुद पूरे मामले की निगरानी (Monitoring) कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित तथा पारदर्शी (Transparent) बनाने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने अदालत को बताया कि दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य इससे जुड़ा हुआ है और ऐसी घटनाएं युवाओं के भरोसे को तोड़ती हैं। अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इसे पूरी तरह रोकने के लिए क्या स्थायी कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि छात्रों को इस तरह की घटनाओं से मानसिक तनाव और निराशा का सामना करना पड़ता है।
सुनवाई के दौरान NTA ने अदालत को बताया कि आगामी री-एग्जाम के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा बढ़ाई गई है, डिजिटल निगरानी मजबूत की गई है, परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात होगी और कानून एजेंसियों के साथ समन्वय भी बढ़ाया गया है। NTA ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह फुल-प्रूफ बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी NTA को फटकार लगा चुका है। अदालत ने कहा था कि ऐसा लगता है कि एजेंसी ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार, NTA और CBI से जवाब भी मांगा था। वहीं CBI की जांच में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। महाराष्ट्र के पुणे और लातूर समेत कई जगहों से आरोपियों को पकड़ा गया है। जांच एजेंसियां व्हाट्सऐप चैट, पैसों के लेनदेन और कोचिंग नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।
NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं। पूरे मामले पर देशभर के छात्रों और अभिभावकों की नजर बनी हुई है।