अमिट स्याही विवाद पर राहुल गांधी का हमला, बोले- वोट चोरी देशविरोधी, EC कर रहा नागरिकों को गुमराह

By : hashtagu, Last Updated : January 16, 2026 | 12:58 pm

महाराष्ट्र निकाय चुनावों में इस्तेमाल की गई अमिट स्याही (Indelible Ink) को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी (Vote Theft) एक देशविरोधी कृत्य (Anti-National Act) है और चुनाव आयोग नागरिकों को गुमराह करने यानी गैसलाइटिंग (Gaslighting) कर रहा है, जिससे लोकतंत्र में भरोसा कमजोर हुआ है।

दरअसल, राज्य में 29 नगर निगमों, जिनमें बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) भी शामिल है, के लिए मतदान के दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें दावा किया गया कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगाई गई स्याही को एसीटोन जैसे रसायनों से आसानी से हटाया जा सकता है। विपक्षी दलों ने इसे फर्जी मतदान की आशंका से जोड़ा, हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन दावों को खारिज किया।

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने कहा कि वह स्याही की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत जांच कराएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने बताया कि जांच में न केवल मार्कर पेन की स्याही की गुणवत्ता, बल्कि वायरल हुए वीडियो की भी पड़ताल की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्याही मतदान के दौरान लगाई गई थी या किसी शरारती तरीके से।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मुद्दे से जुड़ी एक खबर साझा करते हुए लिखा कि जब चुनाव आयोग नागरिकों को गुमराह करता है, तो लोकतंत्र में भरोसा टूटता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वोट की चोरी देश के खिलाफ अपराध है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विवाद को देखते हुए आगामी जिला परिषद चुनावों में मार्कर पेन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और पारंपरिक अमिट स्याही का ही उपयोग होगा, जो आमतौर पर विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इस्तेमाल की जाती है। यह स्याही कर्नाटक सरकार की कंपनी मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड द्वारा तैयार की जाती है।

आयोग के अनुसार, फिलहाल इस्तेमाल किए गए मार्कर पेन की राज्यभर से रैंडम सैंपलिंग की जाएगी और यह भी जांच होगी कि निजी कंपनी द्वारा आपूर्ति की गई स्याही आयोग के तय मानकों के अनुरूप थी या नहीं। आयोग ने बताया कि इन पेन का उपयोग वर्ष 2011 से स्थानीय निकाय चुनावों में किया जा रहा है और प्रत्येक मतदान केंद्र पर तीन मार्कर पेन उपलब्ध कराए गए थे।