हैदराबाद के कई रेस्तरां में गंदगी और असुरक्षित भोजन: खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

By : dineshakula, Last Updated : March 24, 2025 | 1:25 pm

हैदराबाद, 24 मार्च : तेलंगाना में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (food security ) ने रेस्तरां और खाद्य प्रतिष्ठानों की निरीक्षण प्रक्रिया तेज कर दी है। हाल ही में, हैदराबाद के माधापुर और गाचीबौली क्षेत्रों में फूड सेफ्टी टास्क फोर्स की टीम ने निरीक्षण किया, जिसमें कई रेस्तरां में गंभीर लापरवाहियां और अस्वच्छ हालात उजागर हुए।

माधापुर का क्षत्रिय फूड्स: सफाई में भारी चूक

21 मार्च 2025 को टास्क फोर्स ने माधापुर स्थित क्षत्रिय फूड्स का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां पानी का जमाव, फटे हुए टाइल्स, गंदे फर्श, चिकनाई से सनी चिमनियों और खाद्य अपशिष्ट से बंद नालियों को देखा। रसोई में सब्जी काटने के क्षेत्र में बड़ी संख्या में मक्खियाँ मौजूद थीं।

रेफ्रिजरेटर की स्थिति भी अत्यंत खराब पाई गई – मांसाहारी और शाकाहारी खाद्य सामग्री एक ही स्थान पर संग्रहित थी, जिससे खाद्य प्रदूषण का खतरा था। मांस के टुकड़ों पर लेबल नहीं लगे थे, और फ्रिज में चिकन व मटन से खून रिसता हुआ जमा हुआ पाया गया।

इतना ही नहीं, यहां कृत्रिम रंग का उपयोग भी किया जा रहा था। कुछ खाद्य कर्मियों ने न तो सिर पर कैप पहनी थी और न ही हाथों में दस्ताने। आवश्यक दस्तावेज जैसे जल विश्लेषण रिपोर्ट, कीट नियंत्रण रिकॉर्ड, और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी अनुपलब्ध पाए गए।

गाचीबौली का वरलक्ष्मी टिफ़िन्स: दस्तावेजों की कमी और अव्यवस्था

इसी दिन गाचीबौली स्थित वरलक्ष्मी टिफ़िन्स का भी निरीक्षण किया गया। यहां भी खाद्य व्यवसाय संचालक (FBO) के पास जल विश्लेषण रिपोर्ट और खाद्य कर्मियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र नहीं थे। कच्चे सामान को सीधे ज़मीन पर रखा गया था। जगह-जगह बंद नालियाँ और पानी का जमाव देखा गया। अधिकारी ने टिप्पणी की कि “भोजन के अवशेषों को नाली में सीधे फेंका जा रहा है और नियमित रूप से हटाया नहीं जा रहा।”

कोंडापुर का सुब्बैया गारी होटल: बेहद गंदगी भरे हालात

20 मार्च को टास्क फोर्स ने कोंडापुर स्थित सुब्बैया गारी होटल का निरीक्षण किया, जो गाचीबौली के निकट है। यहां भी वही लापरवाही देखने को मिली – जल विश्लेषण रिपोर्ट, कीट नियंत्रण रिकॉर्ड और खाद्य कर्मियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनुपस्थित थे।

FSSAI लाइसेंस की जानकारी रेस्तरां परिसर में कहीं प्रदर्शित नहीं की गई थी। रसोई क्षेत्र को “अत्यंत अस्वच्छ” घोषित किया गया। निरीक्षण में टूटी हुई और दागदार टाइल्स, गंदी दीवारें, तेल टपकाता एग्जॉस्ट, गंदे बर्तन, गंदे चूल्हे और खाद्य अपशिष्ट से भरी नालियाँ देखी गईं।

तेल, चूहे और टूटी बाल्टियों की कहानी

अधिकारियों ने बताया कि सब्जियों को भी अनुचित ढंग से संग्रहित किया जा रहा था, जिससे सूखी सामग्री खराब हो रही थी। स्टोर रूम की स्थिति को “दयनीय” बताया गया। प्रयोग किए जा रहे तेल के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए, क्योंकि यह TPC (Total Polar Compounds) की जांच के बिना ही बार-बार उपयोग किया जा रहा था।

FSSAI के अनुसार, यदि खाद्य तेल में TPC का स्तर 25% से अधिक हो जाए, तो उसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

रसोई के बाहर चूहों की मौजूदगी भी दर्ज की गई, लेकिन कहीं भी चूहे पकड़ने के लिए ट्रैप नहीं लगाए गए थे। रसोई के अंदर खुले कूड़ेदान, चिकनाई से भरी दीवारें, टूटी हुई फर्श, गंदा एग्जॉस्ट, और चटनी से सनी ग्राइंडिंग एरिया की स्थिति अस्वस्थ पाई गई। साथ ही, वहां गंदे और टूटे हुए प्लास्टिक के बर्तन भी रखे हुए थे।

तीनों प्रतिष्ठानों – क्षत्रिय फूड्स, वरलक्ष्मी टिफ़िन्स और सुब्बैया गारी होटल – में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का घोर उल्लंघन सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई यह बताती है कि हैदराबाद जैसे मेट्रो शहर में भी कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता को लेकर गंभीर समस्याएं हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।