भारत-EU के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील, पीएम मोदी बोले—यह है ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

By : hashtagu, Last Updated : January 27, 2026 | 1:38 pm

नई दिल्ली : भारत और यूरोपीय संघ (European Union-EU) के बीच एक बड़ी और ऐतिहासिक मुक्त व्यापार संधि (Free Trade Agreement-FTA) पर सहमति बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स (mother of all deals)” करार दिया है। यह समझौता करीब दो दशकों से चली आ रही बातचीत के बाद संभव हो पाया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह ट्रेड डील वैश्विक GDP (global GDP) के लगभग 25 प्रतिशत और दुनिया के कुल व्यापार (global trade) के करीब एक-तिहाई हिस्से को कवर करती है। इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच आर्थिक साझेदारी (economic partnership) को नई मजबूती मिलेगी और करीब 2 अरब लोगों (2 billion people) के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

सरकार के अनुसार, इस समझौते से भारत के मैन्युफैक्चरिंग (manufacturing) और सेवा क्षेत्र (services sector) को बड़ा फायदा होगा। खासतौर पर कपड़ा (textiles), रत्न-आभूषण (gems and jewellery), चमड़ा (leather) और अन्य श्रम-गहन उद्योगों के लिए यूरोपीय बाजार के दरवाजे और ज्यादा खुलेंगे। इससे निर्यात (export) बढ़ने और रोजगार (employment) के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

समझौते में भारत के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों जैसे कृषि (agriculture) और डेयरी (dairy) को बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू किसानों और छोटे उत्पादकों के हित सुरक्षित रह सकें। सरकार का कहना है कि डील को इस तरह तैयार किया गया है कि आर्थिक विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय हित (national interest) भी सुरक्षित रहें।

पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक साझेदारी (strategic partnership) को भी मजबूत करेगा। इससे निवेश (investment), सप्लाई चेन (supply chain) और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

हालांकि, इस डील को लागू होने से पहले भारत सरकार और यूरोपीय संघ की संसदों से औपचारिक मंजूरी (ratification) मिलना जरूरी है। मंजूरी के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत-EU संबंधों में एक नया अध्याय खोलेगा और वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा।