नई दिल्ली: केंद्र सरकार में जल्द बड़े स्तर पर मंत्रिमंडल (Cabinet) विस्तार और फेरबदल (Reshuffle) होने की संभावना जताई जा रही है। सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर इस संबंध में मंथन तेज है और माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) से पहले कभी भी इस पर फैसला लिया जा सकता है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव के साथ ही भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की भी घोषणा होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम लगभग तैयार है और संगठन में युवा चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पिछले सप्ताह भाजपा अध्यक्ष ने कुछ केंद्रीय राज्य मंत्रियों के साथ भी बैठकें की थीं। माना जा रहा है कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि संगठन के कुछ नेताओं को मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि कई मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया जा सकता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम उन नेताओं में शामिल बताया जा रहा है जिनके मंत्रालय में बदलाव की चर्चा है। इसके पीछे शिक्षा मंत्रालय से जुड़े विवाद, विशेषकर नीट पेपर लीक और सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े मुद्दों को वजह माना जा रहा है। हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन पहले ही मंत्रिपद से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव पर पूरा ध्यान देने के लिए कहा गया है। बिट्टू पंजाब में जाट सिख समुदाय का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं और आगामी चुनावी रणनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार अगले वर्ष उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन राज्यों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में नए प्रतिनिधियों को जगह मिल सकती है ताकि चुनावी संतुलन और राजनीतिक संदेश दोनों साधे जा सकें। माना जा रहा है कि यदि फेरबदल होता है तो इसकी घोषणा जुलाई में मानसून सत्र शुरू होने से पहले की जा सकती है।