अयोध्या (उत्तर प्रदेश): अयोध्या के राम मंदिर (Ram Temple) में दान (Donation) की रकम में कथित गबन (Embezzlement) मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने पहले सीसीटीवी (CCTV) कैमरे को कपड़े से ढक दिया, फिर दान पेटियों से नकदी निकालकर उसे मंदिर परिसर के टॉयलेट (Toilet) में छिपा दिया, ताकि किसी को शक न हो।
जांच में सामने आया है कि दान पेटियों से नकदी निकालने का काम कैश काउंटिंग से जुड़े कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से किया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक कर्मचारी सीसीटीवी कैमरे को ढक देता था, जबकि दूसरा दान पेटियों से नकदी निकालता था। बाद में यह रकम टॉयलेट में छिपाई जाती थी और मौका मिलने पर बाहर ले जाई जाती थी।
इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी मंदिर में दान की राशि और कीमती सामान की गिनती से जुड़े थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआती अनुमान में करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच तेज कर दी है।
एसआईटी ने अपनी जांच में दान की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां भी चिन्हित की हैं। रिपोर्ट में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।