आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बोले- संगठन कहेगा तो पद छोड़ दूंगा, उत्तराधिकारी के लिए जाति कोई बाधा नहीं

By : hashtagu, Last Updated : February 8, 2026 | 6:52 pm

मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जिस दिन संगठन उनसे कहेगा, उसी दिन वे अपने पद से हट जाएंगे। 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि वे सरसंघचालक के रूप में इसलिए कार्यरत हैं, क्योंकि संघ ने उनसे इस भूमिका में बने रहने का अनुरोध किया है।

मुंबई में आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि आम तौर पर यह माना जाता है कि 75 वर्ष की उम्र के बाद व्यक्ति को किसी औपचारिक पद पर न रहते हुए काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह बात संघ को पहले ही बता दी थी, लेकिन संघ ने उनसे काम जारी रखने को कहा।

उत्तराधिकारी को लेकर पूछे गए सवाल पर मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस प्रमुख का चयन संगठन द्वारा किया जाता है और यह चयन योग्यता और उपलब्धता के आधार पर होता है। इसमें जाति या समुदाय का कोई मापदंड नहीं होता। उन्होंने कहा कि वे यह नहीं बता सकते कि अगला सरसंघचालक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से होगा या नहीं, क्योंकि इसका फैसला संगठन ही करेगा।

भागवत ने स्पष्ट किया कि आरएसएस प्रमुख का चयन किसी चुनाव प्रक्रिया के जरिए नहीं होता। उन्होंने कहा, “यह तय है कि जो भी आरएसएस प्रमुख बनेगा, वह हिंदू होगा, उसकी जाति कोई मायने नहीं रखती।”

मोहन भागवत के इस बयान को संघ के भीतर नेतृत्व, आयु-सीमा और सामाजिक समावेश को लेकर एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।