नई दिल्ली/रायपुर। (Rashtriya Swayamsevak Sangh chief Mohan Bhagwat) राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के राम मंदिर निर्माण के बाद आजादी मिलने वाले बयान पर सियासी घमासान मच गया है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Former Chief Minister Bhupesh Baghel) के जरिए कांग्रेस ने संघ प्रम�
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूजनीय सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत इन दिनों छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। 29 दिसंबर को उन्होंने पर्यावरण संवर्धन से जुड़े
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अगले साल यानी 2025 में 100 वर्ष पूरे होने पर देशभर में कार्यक्रम होंगे. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 5 दिवसीय दौरे पर
राजीव तुली और प्रशांत बर्थवाल नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने पिछले दिनों तीन बच्चे पैदा करने की वकालत कर एक व्यापक बहस को जन्म दे दिया। हालांकि आलोचकों ने उनके सुझाव को प्रतिगामी बतात
मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अहिल्याबाई होल्कर और दयानन्द सरस्वती द्वारा देश सेवा के लिए किए गए कार्यों का जिक्र किया।
शनिवार सुबह 6:15 बजे नागपुर के स्वयंसेवकों ने पारंपरिक पथ संचलन (रूट मार्च) में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आरएसएस बैंड ने अपनी प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।
भागवत ने कहा कि संघ का काम यांत्रिक नहीं, बल्कि विचार आधारित है।
आजादी के बाद भी राम मंदिर के लिए संघर्ष जारी रहने की बात कहते हुए भागवत ने आगे कहा, "1947 में देश को स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद जब सर्वसम्मति से सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया, तभी ऐसे मंदिरों की चर्चा शुरू हुई।
भागवत ने कहा कि ऐसी ताकतें भारत की छवि को खराब करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, "हमें ऐसा मौका किसी को नहीं देना चाहिए।" आरएसएस प्रमुख (Mohan Bhagwat) ने कहा कि इस तरह का काम एक व्यक्ति के अहंकार का परिणाम है।"
मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि हमें सेवा भाव का पालन करते हुए समाज के हर अंग को मजबूत और पूरे विश्व को एक परिवार बनाना है।