बंगाल चुनाव कितने चरणों में होंगे? पार्टियों ने चुनाव आयोग को बताईं मुश्किलें, कम चरणों में वोटिंग की मांग

जानकारी के मुताबिक भाजपा, कांग्रेस और माकपा सहित कई दलों ने चुनाव आयोग से कहा है कि पश्चिम बंगाल में मतदान एक या दो चरणों में कराया जाना चाहिए।

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  • Publish Date - March 15, 2026 / 11:58 AM IST

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Election) को लेकर राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग (Election Commission) का ध्यान कई मुश्किलों (Difficulties) और चुनावी व्यवस्थाओं की ओर दिलाया है। पार्टियों ने आयोग से आग्रह किया है कि मतदान (Voting) कम चरणों (Phases) में कराया जाए ताकि सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियों को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

जानकारी के मुताबिक भाजपा, कांग्रेस और माकपा सहित कई दलों ने चुनाव आयोग से कहा है कि पश्चिम बंगाल में मतदान एक या दो चरणों में कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि ज्यादा चरणों में चुनाव होने से हिंसा और मतदाताओं पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया को छोटा और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

भाजपा ने चुनाव आयोग को दिए ज्ञापन में यह भी मांग की है कि पिछले चुनावों में जिन अधिकारियों की भूमिका विवादित रही है, उन्हें संवेदनशील पदों पर न रखा जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि जिन बूथों पर पिछले चुनावों में हिंसा हुई थी या जहां मतदान प्रतिशत बहुत ज्यादा रहा था, उन्हें संवेदनशील घोषित किया जाए और वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

राजनीतिक दलों ने यह भी कहा है कि लंबी चुनाव प्रक्रिया से केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) पर दबाव बढ़ता है और कई क्षेत्रों में सुरक्षा बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। इसलिए मतदान को सीमित चरणों में पूरा करना बेहतर होगा।

पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है और राज्य की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग जल्द ही मतदान की तारीखों और चरणों की घोषणा कर सकता है।

इस बीच राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं और सभी दल आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।