मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हा, वनपाल ममता पोर्ते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा और बीट गार्ड बिंदु सिंह को सस्पेंड किया गया है।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है, ताकि शिकायतों का समाधान तेज और प्रभावी तरीके से किया जा सके।
उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर से लगातार तूता में धरना और प्रदर्शन जारी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
जानकारी के अनुसार 6 मार्च को एक लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम जांच के लिए दुर्ग जिले के समुदाय स्थित विनय ताम्रकार के फार्महाउस पहुंची थी।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान राजेश कुमार के रूप में हुई है, जो कोरकोमा धान उपार्जन केंद्र के मंडी प्रभारी थे। वे अपनी पत्नी के साथ वहीं रहकर धान की देखरेख कर रहे थे।
सरकार का मानना है कि बस्तर जैसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी से सुरक्षा तंत्र अधिक प्रभावी होगा।
जानकारी के अनुसार, छात्रों ने एक-दूसरे को देखकर ऐसा कदम उठाया। किसी भी छात्र की हालत गंभीर नहीं है और सभी बच्चे फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
पुलिस और राहत दल ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां चारों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है।
पहली बार गांव पहुंचे विधायक चैतराम अटामी पारंपरिक लुंगी पहनकर ग्रामीणों से मिले, जिससे स्थानीय लोगों में अपनापन और विश्वास का माहौल बना।