मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे शीर्ष पदों पर एक साथ काम कर चुके ये दोनों अफसर अब एक ही संवैधानिक कुर्सी के दावेदार हैं – मुख्य सूचना आयुक्त। बात सिर्फ नामों की नहीं है, बल्कि उस संकेत की भी है जो यह दौड़ राज्य की नौकरशाही को लेकर देती है।