छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में आज
मोहला। (Mohla-Manpur-Ambagadh) मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में नक्सलवाद (Racism) के खिलाफ अंतिम लड़ाई जारी है। इसी बीच आईजी दीपक झा और पुलिस कप्तान वाय पी सिंह के संयुक्त कुशल नेतृत्व में पुलिसिंग के तहत फोर्स धुर नक्सल प्रभावित गांव पहुंची। इस दौरान पुलिस ने सुबह
भारत में नक्सलवाद हमेशा से एक गंभीर चुनौती बना हुआ है, और इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने कई रणनीतियां अपनाई हैं. इसी कड़ी में गुरुवार को
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। उन्होंने राज्यसभा में कहा,
छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते
बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र में 9 फरवरी को सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए बड़े ऑपरेशन में 31 वर्दीधारी नक्सली मारे गए थे।
नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई के बीच छत्तीसगढ़ में सियासत भी खूब गर्म हो रही है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत यह कहकर भाजपा नेताओं के निशाने
अबूझमाड़ में चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा बलों के साहस को नमन करते हुए कहा कि पिछले एक साल से नक्सलवाद
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद (Naxalism in Chhattisgarh) को पूरी तरह खत्म करने के लिए रणनीति में बड़े स्तर पर बदलाव की जा रही है। यह बदलाव जनवरी के पहले सप्ताह में दिल्ली की बैठक में मंजूर हो जाएगी। नए प्लान के अनुसार 2025 दिसंबर तक फोर्स अबूझमाड़ (Force Abujhmad) को पूरी तरह घेर �
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज दिल्ली में नक्सलवाद को लेकर अहम बैठक ले रहे हैं. सीएम साय भी वहां छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए नक्सल एन्काउंटर