आज की तारीख में हर दूसरा व्यक्ति तकनीक पर इस कदर आश्रित हो चुका है कि वह शारीरिक गतिविधियों से कोसों दूर होता जा रहा है।
नॉर्वे में ट्रोम्सो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा, अत्यधिक गतिहीन जीवनशैली मृत्यु के बढ़ते जोखिम से जुड़ी है।