CM Sai on G-RAM-G Scheme: मनरेगा से बेहतर है जी राम जी, 125 दिन काम और हफ्तेभर में मजदूरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि मनरेगा में जहां सालाना 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, वहीं जी राम जी योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।

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  • Updated On - January 7, 2026 / 10:57 PM IST

रायपुर:  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने विकसित भारत गारंटी के तहत शुरू की गई रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी जी राम जी योजना को मनरेगा से हर मायने में बेहतर बताया है। उन्होंने कहा कि इस नई योजना में काम के दिन बढ़ाए गए हैं और मजदूरी भुगतान को लेकर सख्त समय-सीमा तय की गई है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मनरेगा में जहां सालाना 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, वहीं जी राम जी योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों को 25 दिन अतिरिक्त काम मिलेगा और उनकी आमदनी में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का सबसे बड़ा बदलाव मजदूरी भुगतान व्यवस्था में किया गया है, जिसमें काम पूरा होने के बाद एक सप्ताह के भीतर मजदूरी सीधे श्रमिकों के खाते में भेजने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यदि किसी कारण से मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को अतिरिक्त राशि दी जाएगी। सरकार ने भुगतान में अनावश्यक विलंब पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है, ताकि मजदूरों को आर्थिक परेशानी न हो और उनकी आय में स्थिरता बनी रहे।

सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि जी राम जी योजना पूरे साल लागू नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत और छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य हैं, इसलिए जब खेतों में पर्याप्त काम उपलब्ध रहेगा, खासकर धान कटाई के मौसम में, तब इस योजना को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। साल में करीब दो महीने योजना लागू नहीं होगी, ताकि किसान और खेतिहर मजदूर खेती के कार्यों पर पूरा ध्यान दे सकें।

जी राम जी योजना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना को दिखावटी बदलाव बताते हुए कहा है कि इससे जमीनी स्तर पर कोई बड़ा अंतर नहीं पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले जहां मनरेगा की पूरी राशि केंद्र सरकार देती थी, अब नई योजना में 40 फीसदी हिस्सेदारी राज्य सरकार की होगी, ऐसे में इसके प्रभावी संचालन पर संदेह है।

सरकार के अनुसार G RAM G यानी विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 के तहत लाई गई नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है। इसे मनरेगा के विकल्प के रूप में पेश किया गया है। इस योजना में प्रति परिवार 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार, सड़क, जल और जलवायु से जुड़े बुनियादी ढांचे पर फोकस, पीएम गति शक्ति योजना से समन्वय और डिजिटल निगरानी की व्यवस्था शामिल है।

हालांकि, इसमें कृषि सीजन के दौरान करीब 60 दिनों तक काम बंद रखने और फंडिंग व्यवस्था में बदलाव का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का दावा है कि इस योजना का उद्देश्य 2047 तक ग्रामीण आय बढ़ाना और गांवों के विकास को नई दिशा देना है।