डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म यूजर्स की संख्या एक करोड़ के पार
By : hashtagu, Last Updated : February 4, 2025 | 1:57 pm
सेल्फ सोवेरन आइडेंटिटी (एसएसआई) आधारित यह इकोसिस्टम एयरपोर्ट पर संपर्क रहित और यात्री के चेहरे की बायोमेट्रिक तकनीक का उपयोग करके काम करता है।
1 करोड़ यूजर्स का मील का पत्थर हासिल करना प्लेटफ़ॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता और गोपनीयता-सुरक्षा और अच्छे यात्रा अनुभव प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दिखाता है।
डिजी यात्रा फाउंडेशन के सीईओ सुरेश खड़कभवी ने कहा, “10 मिलियन जैसे मील का पत्थर हमारे यूजर्स के हम पर रखे गए विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। ‘डी-केवाईसी’ अभियान पहल सहित हमारे प्रयासों ने हमें 2024 में विकास को आगे बढ़ाने में मदद की। हमारा लक्ष्य भविष्य में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करने के लिए नए विचार, गोपनीयता और यात्री अनुभव के विकास की गति को बनाए रखना है।
उन्होंने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए डिजी यात्रा को सक्षम बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) के साथ हमारी साझेदारी 2025 में और अधिक वृद्धि को प्रेरित करेगी।”
बता दें कि डी-केवाईसी (अपने ग्राहक को न जानें) अभियान अक्टूबर में शुरू किया गया था। यह यूजर्स की गोपनीयता और पसंद के प्रति प्लेटफ़ॉर्म की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह अभियान इस बारे में था कि डिजी यात्रा किस तरह से ग्राहकों की जरूरतों को उनके व्यक्तिगत डेटा को एक्सेस किए बिना पूरा करती है। दिसंबर 2022 में स्थापित, डिजी यात्रा भारत के 24 एयरपोर्ट पर यात्री प्रोसेसिंग को सुव्यवस्थित करने के लिए फेस ऑथेन्टिकेशन तकनीक का लाभ उठाती है।
इसने आज तक 45 मिलियन से अधिक बिना रुके यात्राओं की सुविधा प्रदान की है, जिससे कई यात्रियों को एक सहज अनुभव मिला है। डिजी यात्रा की 2025 के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं।
यह प्लेटफ़ॉर्म सभी 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं का समर्थन करने का इरादा रखता है जिससे भाषा की बाधाओं को तोड़ा जा सके। ताकि प्रत्येक यात्री अपनी पसंद की भाषा में एयरपोर्ट की प्रक्रियाओं को आत्मविश्वास से नेविगेट कर सके।
डिजी यात्रा का लक्ष्य एक अंतरराष्ट्रीय पायलट प्रोजेक्ट का संचालन करना भी है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट (ई-पासपोर्ट) वाले विदेशी यात्री इसके निर्बाध इकोसिस्टम का अनुभव कर सकें।