ट्रंप का नेतन्याहू पर फूटा गुस्सा, बोले- ‘तुम पागल हो गए हो’, खुद को बचाने के लिए क्षेत्र को युद्ध में झोंक रहे हो
By : hashtagu, Last Updated : June 2, 2026 | 3:09 pm
वॉशिंगटन/तेल अवीव: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 9Donald Trump) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘पागल’ (Crazy) तक कह दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों नेताओं के बीच हुई एक बेहद तनावपूर्ण फोन बातचीत (Phone Call) में ट्रंप ने नेतन्याहू को फटकार लगाते हुए कहा कि वह अपनी राजनीतिक स्थिति बचाने (Saving Yourself) के लिए पूरे क्षेत्र को बड़े संघर्ष की ओर धकेल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि यदि उनका समर्थन नहीं होता तो उन्हें गंभीर राजनीतिक और कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता था।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और साथ ही अमेरिका की ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत भी प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप इजरायल की ओर से लेबनान में किए जा रहे सैन्य हमलों से नाराज थे। उनका मानना था कि ये कार्रवाई क्षेत्र में तनाव और बढ़ा रही है तथा ईरान के साथ जारी शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकती है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, “तुम पागल हो गए हो।” उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल की आक्रामक सैन्य कार्रवाई के कारण दुनिया में उसकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि लोग अब इजरायल के खिलाफ होते जा रहे हैं और मौजूदा कदम स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने नेतन्याहू पर दबाव बनाया कि वह बेरूत पर प्रस्तावित हमलों को रोकें। इसके बाद इजरायली अधिकारियों ने कुछ सैन्य योजनाओं को स्थगित करने का फैसला किया। हालांकि नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि हिजबुल्लाह की ओर से हमले जारी रहते हैं तो इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर बेरूत को भी निशाना बना सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने हिजबुल्लाह के प्रतिनिधियों से अप्रत्यक्ष संपर्क के जरिए संघर्ष रोकने की दिशा में प्रगति हासिल की है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को गोलीबारी रोकने पर सहमत कराया गया है। हालांकि जमीन पर हालात पूरी तरह शांत नहीं हुए और संघर्ष से जुड़े हमले जारी रहने की खबरें भी सामने आईं, जिससे युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए।
विश्लेषकों का मानना है कि यह हालिया घटनाक्रम ट्रंप और नेतन्याहू के रिश्तों में बढ़ते तनाव का संकेत है। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से करीबी संबंध रहे हैं, लेकिन लेबनान संघर्ष, ईरान वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अब दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं।




