झीरम बयान विवाद: कांग्रेस ने विकास तिवारी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला

By : hashtagu, Last Updated : January 11, 2026 | 2:57 pm

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रवक्ता विकास तिवारी (Vikas Tiwari) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई झीरम घाटी हमले को लेकर दिए गए बयानों और न्यायिक जांच आयोग तथा नार्को टेस्ट की मांग से जुड़े पत्र के बाद की गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विकास तिवारी को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर यह फैसला लिया गया। कांग्रेस ने इसे पार्टी अनुशासन के दायरे में गंभीर उल्लंघन माना है।

इससे पहले विकास तिवारी कांग्रेस भवन पहुंचे थे, जहां उन्होंने झीरम घाटी हमले में शहीद कांग्रेस नेताओं को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद उन्होंने दावा किया था कि उनके पास इस हमले से जुड़े अहम दस्तावेज हैं और वही लिफाफा उन्होंने कांग्रेस कार्यालय में सौंपा था। तिवारी ने झीरम घाटी हमले की सच्चाई सामने लाने की बात कहते हुए एनआईए और झीरम जांच आयोग को पत्र लिखकर नार्को टेस्ट की मांग की थी। इस पत्र में भाजपा नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल होने से पार्टी के भीतर विवाद गहरा गया था।

नार्को टेस्ट की मांग वाला पत्र सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर विकास तिवारी को प्रवक्ता पद से हटा दिया गया था और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि तिवारी द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों और उनके स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद मामला पार्टी आलाकमान के सामने रखा गया। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर अब छह साल के लिए निष्कासन की कार्रवाई की गई है। पार्टी के भीतर इस फैसले को अनुशासन बनाए रखने के कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि इस कार्रवाई के बाद विकास तिवारी आगे क्या रुख अपनाते हैं।