MP में 27% OBC आरक्षण: हाईकोर्ट की फास्ट ट्रैक सुनवाई 16 अप्रैल से, जल्द आएगा फैसला
By : hashtagu, Last Updated : March 24, 2026 | 4:07 pm
By : hashtagu, Last Updated : March 24, 2026 | 4:07 pm
जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी (OBC) आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट (High Court) ने बड़ा फैसला सुनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जबलपुर पीठ ने सभी संबंधित याचिकाओं को लिंक करने के निर्देश दिए हैं और 2 अप्रैल तक सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने की समय-सीमा निर्धारित की है। इसके बाद 16 अप्रैल से मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई (Fast Track Hearing) शुरू होगी, जो अंतिम सुनवाई होगी।
हाईकोर्ट की युगल पीठ में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ शामिल हैं। उन्होंने रजिस्ट्रार को निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित ट्रांसफर मामलों को 2 अप्रैल तक सूचीबद्ध करें। सभी पक्षों को अंतिम सुनवाई में एक सप्ताह तक अपनी दलील रखने का अवसर मिलेगा।
मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण विवाद पिछले 6 साल से कोर्ट में लंबित है। सत्तासीन बीजेपी और विपक्ष कांग्रेस दोनों इस मुद्दे को लेकर एक दूसरे पर राजनीतिक आरोप लगाते रहे हैं। हाईकोर्ट के नए निर्देशों के बाद अब इस मामले में जल्द फैसला आने की उम्मीद बढ़ गई है।
हाईकोर्ट ने कहा है कि बार-बार हस्तक्षेप (Intervention) करने वाली याचिकाओं के कारण सुनवाई में देरी नहीं होगी। लीड केस के रूप में आशिता दुबे की याचिका को माना गया है और कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल देरी के लिए दायर याचिकाओं को नहीं सुना जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस मामले को वापस हाईकोर्ट भेजते हुए अंतिम निर्णय का अधिकार हाईकोर्ट को सौंपा था। माना जा रहा है कि 16 अप्रैल से शुरू होने वाली फास्ट ट्रैक सुनवाई के बाद मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की वैधानिकता पर अंतिम फैसला आएगा, जिसका असर भर्ती और शिक्षा से जुड़े लाखों लोगों पर पड़ेगा।