पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, सुवेंदु अधिकारी बने पहले BJP मुख्यमंत्री; PM मोदी ने घुटनों के बल बैठकर जनता को किया प्रणाम
By : hashtagu, Last Updated : May 9, 2026 | 2:10 pm
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikar) शनिवार को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पहले मुख्यमंत्री (Chief Minister) बन गए। उन्होंने राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में बांग्ला भाषा में ईश्वर के नाम पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे और झुककर उन्हें प्रणाम किया। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी जनता का अभिवादन घुटनों के बल बैठकर किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
Congratulations to Shri Suvendu Adhikari Ji on taking oath as West Bengal’s Chief Minister. He has made a mark as a leader who has remained deeply connected to the people and understood their aspirations from close quarters. My best wishes to him for a fruitful tenure ahead.… pic.twitter.com/ih2xY8ZXIo
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी के साथ 5 अन्य विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। नई सरकार में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टूडू और निषिथ प्रमाणिक को मंत्री बनाया गया है। सभी नेताओं ने राज्यपाल के सामने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, NDA के कई वरिष्ठ नेता और भाजपा शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के 98 वर्षीय वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का विशेष सम्मान किया। मंच पर पहुंचते ही प्रधानमंत्री सीधे उनके पास गए, उन्हें शॉल ओढ़ाई और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दृश्य ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। भाजपा ने पहली बार राज्य की सत्ता हासिल कर इतिहास रच दिया है। पार्टी नेताओं ने इसे बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन का नया अध्याय बताया है।




