दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में Maoists से जुड़े *63 कैडरों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण* किया। यह आत्मसमर्पण बस्तर क्षेत्र में चल रहे *‘पुना मार्गम’ अभियान* के तहत हुआ, जिसे माओवादियों को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
आत्मसमर्पण करने वालों में *18 महिलाएं और 45 पुरुष* शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से *36 माओवादियों पर कुल लगभग ₹1.19 करोड़ का इनाम घोषित था*। ये कैडर दरभा, साउथ बस्तर, वेस्ट बस्तर, माड़ डिवीजन और पड़ोसी इलाकों में सक्रिय रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘पुना मार्गम’ अभियान ने स्थानीय स्तर पर भरोसा बनाया है और माओवादी कैडरों को यह भरोसा दिया है कि आत्मसमर्पण के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का अवसर मिलेगा। इसी भरोसे के चलते बड़ी संख्या में कैडरों ने हथियार डालने का फैसला किया।
छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक कैडर को *आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और आजीविका से जुड़ी सुविधाएं* प्रदान की जाएंगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से शामिल हो सकें।
सुरक्षा बलों ने इसे बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक अहम कदम बताया है और कहा है कि आने वाले समय में इस तरह के और आत्मसमर्पण होने की उम्मीद है।