नक्सलियों के गढ़ तक पहुंचे सुरक्षाबल, अबूझमाड़ में बड़ा डंप ध्वस्त, विस्फोटक-IED और राशन जब्त
By : hashtagu, Last Updated : February 2, 2026 | 12:58 pm
नारायणपुर से रिपोर्ट: गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद (Naxalism/नक्सली गतिविधि) के खात्मे को लेकर तय की गई 31 मार्च 2026 की समयसीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं। लगातार पुलिस और सुरक्षा बलों को रणनीतिक मोर्चे पर बड़ी सफलता मिल रही है। इसी कड़ी में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से नक्सल उन्मूलन अभियान (anti-naxal operation/नक्सल विरोधी कार्रवाई) की बड़ी सफलता सामने आई है।
नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी (ITBP/भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) की संयुक्त टीम ने घोर नक्सल प्रभावित जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का एक बड़ा डंप (dump/भंडार) बरामद किया है। यह डंप लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी के लिए जमा किया गया था।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (explosives/विस्फोटक), डेटोनेटर, बड़े ड्रम, राशन और दैनिक उपयोग का सामान मिला है। इसके साथ ही एक प्रेशर कुकर IED (Improvised Explosive Device/देसी बम) भी बरामद की गई, जिसे मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत अबूझमाड़ अंचल में लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 31 जनवरी 2026 को 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के सेनानी संजय कुमार के मार्गदर्शन और उप सेनानी तेजवीर सिंह के नेतृत्व में नारायणपुर पुलिस डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने जॉइंट सर्च ऑपरेशन चलाया।
यह सर्च ऑपरेशन ग्राम मडोड़ा से भोटोर के बीच स्थित घने और दुर्गम जंगलों में किया गया। तलाशी के दौरान ग्राम भोटोर के समीप जंगलों में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का विशाल डंप सुरक्षा बलों के हाथ लगा। जांच में सामने आया कि इस सामग्री का उपयोग नक्सली बड़े हमलों की साजिश रचने के लिए कर रहे थे।
ऑपरेशन के दौरान मिली प्रेशर कुकर IED किसी बड़े हमले की ओर इशारा कर रही थी, लेकिन आईटीबीपी की बीडीएस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए इसे मौके पर ही सुरक्षित रूप से ब्लास्ट कर नष्ट कर दिया।
पूरे अभियान के दौरान किसी भी सुरक्षा बल को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी प्रकार की जनहानि हुई। सभी जवान सुरक्षित रूप से बरामद सामग्री के साथ अपने कैंप लौट आए। सुरक्षा बलों ने साफ किया है कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने और नक्सलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए आगे भी इस तरह के सघन सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे।




