भाजपा ने छेड़ा ‘कांग्रेस ‘की अंतर्कलह का पोस्टर वार! ‘दीपक बैज-भूपेश’ निशाने पर…

By : hashtagu, Last Updated : July 20, 2024 | 6:03 pm

रायपुर। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज (Congress State President Deepak Baij) के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर भड़ास निकाली। फिर क्या था, भाजपा के निशाने पर कांग्रेस (Congress on BJP’s target) आ गई और अपने सोशल मीडिया पर वार छेड़ दिया है।

कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की नही आकाओं की चलती है : रामू रोहरा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री जगदीश (रामू) रोहरा ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से अब पार्टी संगठन सम्हाले नहीं सम्हल रहा है, इसका एक और नजारा शुक्रवार को धमतरी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की मौजूदगी में हुई कांग्रेस की बैठक में दिखाई दिया, जिसमें युवा से लेकर बुजुर्ग कार्यकर्ताओं ने अपनी उपेक्षा के लिए जमकर भड़ास निकाली और हंगामा मचाया। रोहरा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लगातार ऐसी शिकायतें मुखर रूप में व्यक्त हो रही हैं, लेकिन बावजूद इसके, एक परिवार की चाटुकारिता में लीन प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व शुतुरमुर्ग की तरह रेत में मुँह छिपाए कार्यकर्ताओं की पीड़ा को अनदेखा और अनसुना कर रहा है।

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भाजपा प्रदेश महामंत्री रोहरा ने कहा कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं का आक्रोश कोई पहली बार सामने नहीं आया है। विधानसभा चुनाव के समय से लोकसभा चुनाव तक यह आक्रोश व्यक्त होता रहा है।विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समवेत स्वर में अपनी उपेक्षा की बात कही, लेकिन सत्ता-संगठन में आपसी खींचतान के चलते कार्यकर्ता हमेशा हाशिये पर रखे गए। दरअसल कांग्रेस में लोकतंत्र नाम की किसी व्यवस्था का अस्तित्व ही नहीं है और इसीलिए कार्यकर्ताओं की शिकायतें और उपेक्षा की पीड़ा सुनने को कोई तैयार नहीं है।

Ramu Vohara

रोहरा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार बड़े नेताओं पर अपना गुस्सा उतारते रहे। संगठन के स्तर पर भ्रष्टाचार तक के संगीन आरोप लगाए गए। कार्यकर्ता लगातार चिठ्ठियाँ लिखकर संगठन की दुर्गति पर अफसोस जताते रहे और मौका मिलने पर मंच से भूपेश बघेल समेत बड़े नेताओं को मुँह पर खरी-खोटी सुनाते रहे।  रोहरा ने कहा कि बजाय कार्यकर्ताओं की वेदना दूर करने के, कभी बघेल ने अपने कार्यकर्ताओ को स्लीपर सेल तो कभी खुद बैज ने सत्ताभोगी कहकर अपमानित किया। पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र के नाम का ढोल पीटती कांग्रेस का अब यही राजनीतिक चरित्र रह गया है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री रोहरा ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होते हैं लेकिन कांग्रेस में कदम-कदम पर अपने ही कार्यकर्ताओं को अपमानित करने मानो होड़ लगी हुई है। छत्तीसगढ़ में इसीलिए कांग्रेस रसातल में जा पहुँची है और कांग्रेस के नेता फिर भी जुबानी तौर पर बेलगाम होते जा रहे हैं। धमतरी की बैठक में बैज की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं का हंगामा और अपने कतिपय नेताओं की मनमानी पर उनका खुला आरोप यह बताने के लिए पर्याप्त है कि कांग्रेस न केवल वैचारिक तौर पर, बल्कि संगठनात्मक तौर पर पूरी तरह खोखली हो चली है। श्री रोहरा ने कहा कि कांग्रेस के जितने बड़े नेता, जो खुद भी हार गए हैं और जिनकी वजह से कांग्रेस हारी, अब वह रोज कार्यकर्ताओं को कोस रहे हैं, उनको धमकी दे रहे हैं! पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जिनके कारण विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हारी, लोकसभा चुनाव में 10 सीटें हारी, जिनके खिलाफ कार्यकर्ता लगातार चिठ्ठियाँ लिख रहे हैं, हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय कार्यकर्ताओं को ‘स्लीपर सेल’ बता रहे हैं और उन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करवा रहे हैं। दीपक बैज, जो खुद स्वयं विधानसभा का चुनाव हार गए, उसके बाद उनके नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष रहते लोकसभा में कांग्रेस की करारी हार हुई है, अपनी खुद की लोकसभा भी वे बचा नहीं पाए और उसके बाद अब कार्यकर्ताओं सत्ता भोगी और न जाने क्या-क्या कह रहे हैं!

भाजपा प्रदेश महामंत्री रोहरा ने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता बार-बार कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं, उन्हें अपमानित कर रहे हैं, उन्हें अपशब्द कह रहे हैं, यही कांग्रेस की सच्चाई है। कांग्रेस में कार्यकर्ताओं का कोई मान नहीं है। राहुल गांधी से लेकर के भूपेश बघेल और दीपक बैज तक यह सब एक ही प्रकार के लोग हैं। राहुल गांधी कुत्तों को बिस्किट खिलाते हैं लेकिन कार्यकर्ताओं से मिलना पसंद नहीं करते हैं, वैसा ही भूपेश बघेल और दीपक बैज का हाल है। श्री रोहरा ने कहा कि जिनकी खुद की वजह से कांग्रेस को विधानसभा और लोकसभा के दो-दो चुनावों में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, उनको हार स्वीकार करके अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन वे यह न करते हुए अपने कार्यकर्ताओं को गाली दे रहे हैं। अनर्गल प्रलाप और कार्यकर्ताओं का सरेआम अपमान ही कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति और नियति बनती जा रही है। अब कार्यकर्ता कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर रहे हैंऔर इसके बाद भी कांग्रेस नेतृत्व ने होश नहीं सम्हाला तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को इतिहास बनते देर नहीं लगेगी।

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