रायपुर: नई दिल्ली में मंगलवार से CBSE की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गईं। इस साल देश और विदेश के केंद्रों पर कुल 46 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें करीब 25 लाख विद्यार्थी 10वीं और लगभग 18.5 लाख विद्यार्थी 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा को लेकर बोर्ड ने सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं, खासतौर पर कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य बताया गया है।
CBSE ने स्पष्ट किया है कि 10वीं के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा देना जरूरी है। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होता है तो उसे एसेंशियल रिपिट श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे छात्र उसी वर्ष आयोजित होने वाली दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे और उन्हें अगले वर्ष फरवरी में होने वाली मुख्य परीक्षा में दोबारा बैठना होगा।
बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि दूसरी बोर्ड परीक्षा कोई अलग या वैकल्पिक परीक्षा नहीं है। यह केवल उन्हीं छात्रों के लिए है जिन्होंने पहली परीक्षा दी है और या तो पास हुए हैं और अपने अंक सुधारना चाहते हैं या जिनका परिणाम कंपार्टमेंट आया है। अंक सुधार के लिए छात्र अधिकतम तीन मुख्य विषयों में ही परीक्षा दे सकेंगे।
यदि कोई छात्र पहली बोर्ड परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों की परीक्षा नहीं दे पाता है तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में सीधे एसेंशियल रिपिट श्रेणी लागू होगी और छात्र को अगले सत्र में पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी होगी।
मेरे प्यारे बच्चों,
परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए-आप अकेले नहीं हैं। हम सब आपके साथ हैं।
परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा… pic.twitter.com/XcPiaVAzUB
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 17, 2026
अतिरिक्त विषय को लेकर भी बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। 10वीं पास करने के बाद किसी नए या अतिरिक्त विषय को जोड़ने की अनुमति नहीं होगी। छात्र केवल अपने पंजीकृत मुख्य विषयों में ही परीक्षा दे सकेंगे। किसी एक स्टैंड अलोन विषय की अलग से परीक्षा देने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
प्रश्नपत्र को लेकर आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी बोर्ड ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी आपत्तियां केवल OECMS पोर्टल पर ही अपलोड करनी होंगी। अन्य किसी माध्यम से भेजी गई शिकायतें स्वीकार नहीं की जाएंगी। यदि किसी बिंदु पर अतिरिक्त स्पष्टीकरण की जरूरत हो तो संबंधित विवरण निर्धारित ईमेल आईडी पर भेजा जा सकता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस दिन परीक्षा हो उसी दिन आपत्ति दर्ज करनी होगी। देरी से भेजी गई या अस्पष्ट आपत्तियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
बोर्ड के अनुसार कई स्कूल गलत ईमेल आईडी पर शिकायत भेज देते हैं या कई दिनों बाद आपत्ति दर्ज करते हैं। कई बार शिकायत में केवल यह लिखा होता है कि प्रश्न गलत है, लेकिन गलती क्या है इसका स्पष्ट विवरण नहीं दिया जाता। ऐसे मामलों में कार्रवाई संभव नहीं होगी।
इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों के नाम संदेश जारी कर उन्हें परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय उत्साह और तनाव दोनों स्वाभाविक हैं। डर कमजोरी नहीं बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है। छात्रों को चाहिए कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दें।
बोर्ड ने साफ संकेत दिया है कि नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसलिए छात्रों और स्कूलों को समय पर परीक्षा देना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही आपत्ति दर्ज करना अनिवार्य है।