सुकमा में 22 नक्सलियों का सामूहिक सरेंडर पुनर्वास नीति और पुलिस अभियान का असर

पिछले कुछ समय में सुकमा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने कई सफल ऑपरेशन किए हैं।

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 01:27 PM IST

सुकमा:  सुकमा जिले (Sukma district) में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। सुकमा में 22 माओवादी एक साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आए हैं। इनमें एक महिला माओवादी भी शामिल है। सभी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने सरेंडर किया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों से प्रभावित थे। राज्य सरकार की पुनर्वास योजना और “पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया गया।

पिछले कुछ समय में सुकमा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने कई सफल ऑपरेशन किए हैं। नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, सड़क कनेक्टिविटी मजबूत की गई है और विकास कार्यों को तेज किया गया है। इन प्रयासों से माओवादी नेटवर्क कमजोर पड़ा है और संगठन के अंदर दबाव बढ़ा है।

आत्मसमर्पण करने वाले सभी 22 नक्सलियों को शासन की नीति के तहत 50 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही उन्हें पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह सामूहिक सरेंडर सुकमा और बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि है। इससे क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में सकारात्मक संदेश गया है।