चैतन्य बघेल की राजनीति में एंट्री पर सस्पेंस! दिल्ली में खरगे-प्रियंका से मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरम, बीजेपी बोली- कांग्रेस में वंशवाद

जानकारी के अनुसार, जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद चैतन्य बघेल दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की।

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 08:44 PM IST

रायपुर/नई दिल्ली, 13 फरवरी 2026। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के बेटे चैतन्य बघेल की राजनीति में एंट्री (Political Entry) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जेल से जमानत (Bail) पर बाहर आने के बाद चैतन्य बघेल अचानक दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात (Meeting) की। इन मुलाकातों की तस्वीरें सामने आने के बाद उनकी सक्रिय राजनीति में आने की अटकलें (Speculations) तेज हो गई हैं। इस घटनाक्रम पर बीजेपी ने तंज कसते हुए कांग्रेस पर वंशवाद (Dynasty Politics) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार, जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद चैतन्य बघेल दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों की तस्वीरें भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि उनके बेटे चैतन्य ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष से आशीर्वाद लिया। एक तस्वीर में चैतन्य बघेल मल्लिकार्जुन खरगे को गुलदस्ता देते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में वे प्रियंका गांधी के साथ दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें सामने आते ही प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई। राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि चैतन्य बघेल को कांग्रेस में औपचारिक रूप से लॉन्च किया जा सकता है। माना जा रहा है कि वर्ष 2026 के अंत तक उनकी आधिकारिक एंट्री कराई जा सकती है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

इस पूरे मामले पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस में कार्यकर्ता नहीं बल्कि वंश आगे बढ़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में एक और दागी शामिल होने जा रहा है। बीजेपी ने इसे वंशवादी राजनीति का उदाहरण बताया।

वहीं बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से भी जवाब दिया गया। पूर्व मंत्री शिव डेहरिया ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को फंसाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता पाक-साफ हैं और दागी लोग बीजेपी में हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले चैतन्य बघेल की संभावित राजनीतिक एंट्री को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली में हुई मुलाकातों ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।