बलरामपुर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बलरामपुर (Balrampur) जिले में एक जंगली हाथी (wild elephant) के हमले (attack) में 17 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना रामानुजगंज (Ramanujganj) क्षेत्र में हुई, जहां पिछले तीन दिनों से हाथियों का झुंड (elephant herd) घूम रहा था और इलाके में दहशत (fear) का माहौल बना हुआ था।
जानकारी के अनुसार, रामानुजगंज–रामचंद्रपुर विकासखंड के चिड़िया गांव की रहने वाली पिंकी कुमारी अपने रिश्तेदार के घर आई हुई थी। शनिवार सुबह करीब 6 बजे वह महुआ बीनने के लिए जंगल गई थी। इसी दौरान करीब 22 हाथियों के झुंड से बिछड़ा एक दंतैल हाथी अचानक उसके सामने आ गया और उस पर हमला कर दिया। इस हमले में किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के समय वहां मौजूद महावीरगंज का एक व्यक्ति किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला और गांव पहुंचकर लोगों को इसकी जानकारी दी। ग्रामीण राजेश कोरवा ने बताया कि सभी लोग महुआ बीनने जंगल गए थे, तभी अचानक हाथी के आने की खबर मिली और सभी लोग जान बचाकर भागने लगे। बाद में जब एक लड़की का पता नहीं चला तो खोजबीन की गई, तब पता चला कि हाथी ने उसे कुचलकर मार दिया है।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से हाथियों का झुंड इलाके में लगातार घूम रहा है, जिससे ग्रामीण पहले से ही डरे हुए थे। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलने पर वन विभाग (Forest Department) की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और शासन की ओर से तत्काल सहायता राशि भी प्रदान की गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान जंगल जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।