सुशासन तिहार बना जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद का माध्यम, समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर

सुशासन तिहार के माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया गया, ताकि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंच सके।

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 09:33 PM IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन तिहार (Sushasan Tihar) केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं तथा सुझावों को समझने का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। इस अभियान के जरिए सरकार ने आम लोगों तक पहुंचकर उनकी जरूरतों को जाना और समाधान की दिशा में कदम उठाए।

सुशासन तिहार के माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया गया, ताकि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंच सके। अभियान के दौरान प्राप्त सुझावों और समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेकर उनके निराकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

राज्य सरकार का कहना है कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप त्वरित समाधान उपलब्ध कराना और शासन की सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार के अनुसार, सुशासन तिहार ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का काम किया है। इस पहल के जरिए लोगों को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिला, वहीं प्रशासन को जमीनी स्तर की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद मिली।

छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए परेशान न होना पड़े। इसी दिशा में सुशासन तिहार को जनभागीदारी और बेहतर प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।