‘ऑपरेशन टाइगर’ की अंदरूनी तस्वीरें आईं सामने, बगावत से पहले दिल्ली में हुई थी उद्धव गुट के सांसदों की गुप्त बैठक

रिपोर्ट के मुताबिक, बागी सांसदों का कहना था कि उन्हें आशंका थी कि उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर सकते हैं, जो उन्हें स्वीकार नहीं था।

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 01:47 PM IST

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचाने वाले ‘ऑपरेशन टाइगर’ (Operation Tiger) से जुड़ी नई तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बागी सांसद बगावत से पहले दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास पर गुप्त बैठक करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह बैठक 17 जून को हुई थी, जिसमें सांसदों ने अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग वाला पत्र भी सौंपा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, बागी सांसदों का कहना था कि उन्हें आशंका थी कि उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर सकते हैं, जो उन्हें स्वीकार नहीं था। इसी आधार पर उन्होंने अलग पहचान की मांग की। साथ ही सांसदों ने यह भी सुनिश्चित कर लिया था कि उनके पास दल-बदल कानून से बचने के लिए आवश्यक संख्या मौजूद रहे।

इस घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर’ का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले छह सांसदों के एकनाथ शिंदे खेमे के संपर्क में आने और संभावित बगावत की खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया था। बाद में ये सांसद दिल्ली में शिंदे गुट के नेताओं से भी मिले थे।

बगावत की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे खेमे ने भी सक्रियता बढ़ाई थी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संजय राउत, अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संविधान और दल-बदल कानून के प्रावधानों के अनुसार ही किसी भी अलग गुट को मान्यता देने की अपील की थी।

तस्वीरों के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि बगावत की पूरी रणनीति पहले से तैयार की गई थी और इसकी शुरुआत दिल्ली में हुई गुप्त बैठकों से हुई थी। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में 2022 जैसी सियासी हलचल की यादें ताजा कर दी हैं।