सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Pwer Plant) में हुए भीषण हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलस (burn) गए हैं। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, जबकि बाकी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), बिहार (Bihar), झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) से हैं। हादसे के बाद 16 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज (treatment) जारी है।
घटना के करीब 30 घंटे बाद सामने आई शुरुआती जांच रिपोर्ट में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रोडक्शन बढ़ाने की जल्दबाजी में बॉयलर फट गया। चेतावनी मिलने के बावजूद काम नहीं रोका गया और सिस्टम में पहले से खराबी भी थी। इसी आधार पर अब एफआईआर दर्ज की जाएगी, साथ ही मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने बुधवार को करीब 6 घंटे तक मौके की जांच की और शाम 8 बजे रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने भी मामले में मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार हादसा 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे हुआ, जब 2028 टीपीएच क्षमता वाले वाटर ट्यूब बॉयलर में फर्नेस प्रेशर अचानक तेजी से बढ़ गया। यह दबाव 1 से 2 सेकेंड के भीतर इतना बढ़ा कि सिस्टम को बंद करना संभव नहीं हो सका और अंदर विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में बाहरी पाइपलाइन भी आ गई।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ एक घंटे में उत्पादन दोगुना करने के लिए बॉयलर का लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट कर दिया गया। इतनी तेजी से लोड बढ़ाने के लिए ईंधन और हवा का संतुलन जरूरी था, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे पूरा सिस्टम अस्थिर हो गया।
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि पीए फैन में बार-बार खराबी आ रही थी, अनबर्न फ्यूल के कारण प्रेशर बढ़ रहा था, पाइपिंग सिस्टम फेल हो गया और बैकअप सिस्टम भी समय पर काम नहीं कर पाया।
बुधवार को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 7 और जिला अस्पताल में 5 शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। परिजनों को पोस्टमॉर्टम के लिए भटकना पड़ा। 5 मृतकों के परिजन नहीं पहुंच पाने के कारण उनके शवों का पोस्टमॉर्टम गुरुवार को किया जाएगा।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन आज रायगढ़ का दौरा करेंगे, जहां वे घायलों से मुलाकात करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए मिलेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।