महादेव सट्टा एप : CBI के छापे में मिले इनपुट पर भूपेश समेत 20 पर FIR  ! …पूरी क्राइम स्टोरी

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। महादेव एप ऑनलाइन सट्टा एप के मामले में सीबीआई की वायरल एफआईआर

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  • Updated On - April 1, 2025 / 11:36 PM IST

हाल में छापे के दौरान मिले इनपुट के आधार पर सीबीआई ने की है कार्रवाई

21 आरोपियों के एफआईआर के क्रम छठवें नंबर पर नाम दर्ज

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Former Chief Minister Bhupesh Baghel) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। महादेव एप ऑनलाइन सट्टा एप (Mahadev App Online Satta App) के मामले में सीबीआई की वायरल एफआईआर की कापी में 21 लोगों के नाम है। एफआईआर में छठवें नाम पर भूपेश का नाम है। इसमें दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के भी नाम हैं। इसके अलावा बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 आरोपियों के नाम हैं। बता दें कि हाल ही में सीबीआई ने छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में 60 स्थान पर छापा मारा था। इसमें भूपेश बघेल के घर और उनके करीबी अधिकारियों और नेताओं के घर महादेव एप सट्टा को लेकर सीबीआई ने छापेमारी की कार्रवाई की थी। यह छापेमारी छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में की गई थी। इस दौरान कई राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों, महादेव बुक के प्रमुख पदाधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के परिसरों पर तलाशी ली गई थी। इस दौरान मिले सबूत और इनपुट के आधार पर भूपेश समेत अन्य लोगों पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज किया है।

राजनेताओं को दी जाती थी प्रोटेक्शन मनी

सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई में बैठकर बेटिंग एप चलाता है। इन पर आरोप है कि रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर बेटिंग एप से कुल आय का कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं को बतौर प्रोटेक्शन मनी देते थे।

ईओडब्ल्यू से सीबीआइ को सौंपी गई जांच

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा ईडी के बाद प्रतिवेदन के बाद एफआइआर दर्ज की थी। बाद में राज्य सरकार ने इस केस को सीबीआइ को सौंप दिया ताकि मामले की गहन जांच हो सके और इसमें शामिल वरिष्ठ अधिकारियों व अन्य आरोपियों की भूमिका उजागर हो सके।

छापेमारी में क्या मिला

सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी में बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इनमें वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकार्ड शामिल हैं। जांच एजेंसी जल्द ही और खुलासे कर सकती है।

एफआईआर में इनका नाम

रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्रभूषण वर्मा, असीम दास, सतीश चंद्राकर, भूपेश बघेल, नीतिश दीवान, सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल उर्फ अतुल अग्रवाल, विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहुजा, धीरज आहुजा, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, भीम सिंह, यादव, हरीशंकर तिबरवाल, सुरेंद्र बागड़ी, सूरज चोखानी