Policy commission meeting : भूपेश ने मांगे 2659 करोड़ रुपए! शहरों में भी मनरेगा लागू करने की मांग

आज मुख्यमंत्री नईदिल्ली में पीएम मोदी की अध्यक्षता वाले नीति आयोग बैठक (Policy commission meeting) में हिस्सा लिया। आयोग की गवर्निंग काउंसिल.

छत्तीसगढ़। आज मुख्यमंत्री नईदिल्ली में पीएम मोदी की अध्यक्षता वाले नीति आयोग बैठक (Policy commission meeting) में हिस्सा लिया। आयोग की गवर्निंग काउंसिल की आठवीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) भी शामिल हुए। यहां मुख्यमंत्री ने राज्य से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर अपनी बात और मागें रखी। उन्होंने बैठक में कहा कि जीएसटी से राज्यों को राजस्व में हानी हो रही है। जिसकी भरपाई की स्थायी व्यवस्था दी जाए। इसके अलावा केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से की 2659 करोड़ भी जल्द देने अनुरोध प्रधानमंत्री से किया है।

यहां कोयला और अन्य खनिजों की रॉयल्टी दर में संशोधन की भी मांग रखी

सीएम ने यहां कोयला और अन्य खनिजों की रॉयल्टी दर में संशोधन की भी मांग रखी। उन्होंने बैठक में कहा कि संशोधन नहीं होने से राज्य के वित्तीय हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। आयरन प्लांट्स में प्रोडक्शन कैपेसिटी के अनुरूप लौह अयस्क आरक्षित रखने की मांग सीएम ने की है।

केंद्रीय बलों की तैनाती पर हुए सुरक्षा व्यय 11 हजार 828 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बलों की तैनाती पर हुए सुरक्षा व्यय 11 हजार 828 करोड़ रुपए को केंद्र सरकार द्वारा वहन करते हुए,राज्य को इस बकाया से मुक्त करने का आग्रह भी किया। इन सब के अलावा सीएम ने 20 हजार से कम आबादी के शहरों में मनरेगा लागू करने का सुझाव दिया है।

इसके पहले बैठक को लेकर भूपेश बघेल ने कहा था कि प्रदेश के कई ऐसे मुद्दे हैं। जिन पर बात की जाएगी। जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा उठाएंगे, और केन्द्र सरकार से जो राशि लेनी है, उस पर भी चर्चा होगी। सुबह 10 बजे से बैठक है जो शाम को 4 बजे तक चलेगी। इस बैठक का निष्कर्ष क्या होगा वह बैठक के बाद ही पता चलेगा

कांग्रेस अध्यक्ष से की थी मुलाकात

छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। शुक्रवार को सीएम भूपेश ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात की थी। इसके मद्देनजर यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। हालांकि मुलाकात पर किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी है। लेकिन सियासी गलियारों से खबर है कि इस मुलाकात में प्रदेश में सत्ता के समीकरण और ईडी की रेड पर चर्चा संभव है।

क्या होता है मिलेट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साल 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट ईयर के रूप में मनाया जा रहा है। सामान्यतः मोटे अनाज वाली फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कोदो, कुटकी और कुट्टू को मिलेट क्रॉप कहा जाता है। मिलेट्स को सुपर फूड भी माना जाता है, क्योंकि इनमें पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में होते हैं।

प्रदेश में 1 दिसंबर 2021 से मिलेट मिशन शुरू किया गया है। जिसका प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में मिलेट की खेती को बढ़ावा देना, मिलेट के प्रसंस्करण को बढ़ावा देना और दैनिक आहार में मिलेट्स के उपयोग को प्रोत्साहित कर कुपोषण दूर करना है। अब महिला स्व सहायता समूहों द्वारा मिलेट्स के कुकीज, केक और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। जो मल्लिकार्जुन खड़गे को दिए गए हैम्पर में शामिल थे।

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