रायपुर, 31 जनवरी 2026: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के लिए एक विशेष वैज्ञानिक टीम गठित करने की घोषणा की। यह टीम राज्य की एग्रो-क्लाइमेट कंडीशन के अनुसार फसलों की बेहतर किस्म, कीट नियंत्रण, रिसर्च और इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल (Integrated Farming Model) पर काम करेगी।
शिवराज सिंह चौहान एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की यह टीम इस सप्ताह के भीतर गठित कर दी जाएगी, जिसमें वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ (Technical Experts) शामिल होंगे।
यह टीम राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर किसानों की समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान खोजेगी। शिवराज ने कहा कि यह टीम यह निर्धारित करेगी कि छत्तीसगढ़ में कौन-सी फसल और वैरायटी सबसे अच्छा उत्पादन दे सकती है।
किसानों से संवाद और कृषि विकास की समीक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के किसानों से मुलाकात की और खेती का कार्य देखा। उन्होंने किसान मेले के माध्यम से भी किसानों से सीधे संवाद किया और कृषि तथा ग्रामीण विकास की योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि, “मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है।”
छत्तीसगढ़ अब केवल धान का कटोरा नहीं, फल और सब्जियों में भी हो रहा विकास
केंद्रीय मंत्री ने खपरी क्षेत्र का दौरा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब सिर्फ धान का कटोरा नहीं रहा, बल्कि यहां फल और सब्जियों के उत्पादन में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि यहां परंपरागत फसलों के अलावा अब ग्राफ्टिंग के जरिए पौधे तैयार किए जा रहे हैं और बैंगन पर टमाटर की खेती, तीखी मिर्च पर शिमला मिर्च, ड्रैगन फ्रूट और ब्लूबेरी जैसी नई फसलों की खेती भी की जा रही है।
किसानों ने बताया कि परंपरागत फसलों से 35-40 हजार रुपये प्रति एकड़ तक की बचत होती है, जबकि फल और सब्जियों की खेती से एक लाख रुपये प्रति एकड़ तक की आमदनी हो रही है।
हाईटेक मंडी और ड्राई पोर्ट की मांग
किसानों ने हाईटेक मंडी और ड्राई पोर्ट की आवश्यकता भी जताई, जिस पर सरकार ने विचार करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा, पेस्टीसाइड के सही इस्तेमाल, बीमारी की पहचान और नियंत्रण के बारे में भी चर्चा की गई।
धान की बेहतर वैरायटी और दलहन पर ध्यान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जलवायु के अनुसार बेहतर धान की वैरायटी को प्रचलित किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिले। इसके अलावा, दलहन (pulses) जैसे मसूर, अरहर और उड़द की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदारी का फैसला लिया है।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग से किसानों की आय बढ़ेगी
शिवराज ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल (Integrated Farming Model) पर जोर देते हुए कहा कि इस मॉडल के तहत कम जमीन में फसलों के साथ-साथ सब्जी उत्पादन, पशुपालन, मछली पालन और कृषि वानिकी को जोड़कर किसानों की आय बढ़ाई जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना का बड़ा दावा
केंद्रीय मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के तहत पिछले डेढ़ साल में छत्तीसगढ़ को 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास दिए गए हैं।
इसके अलावा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हजार अतिरिक्त आवास भी स्वीकृत किए गए हैं।
नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्वे और नरेगा पर बयान
शिवराज सिंह चौहान ने नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्वे करने की प्रक्रिया की बात की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के तहत छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने के लिए लगातार काम हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि नरेगा योजना अब बदल रही है और इसे जी-राम-जी योजना के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
