भूपेश-टीएस और दीपक को राहुल का बुलावा, खड़गे-गांधी के साथ आज बनेगी छत्तीसगढ़ कांग्रेस की आंदोलन रणनीति

बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत शामिल होंगे।

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 01:25 PM IST

दिल्ली: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (rahul Gandhi) के साथ अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक एआईसीसी दफ्तर में शाम 5 बजे होगी। बैठक में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेताओं को दिल्ली से बुलावा भेजा गया है। इस बैठक में संगठन (organisation), मनरेगा (MGNREGA – Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act), एसआईआर (SIR) और आगामी आंदोलनों (movement) को लेकर रणनीति तय की जाएगी।

बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत शामिल होंगे। इनके साथ दिल्ली पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे।

कांग्रेस नेताओं से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में संगठनात्मक नियुक्तियों, आने वाले कार्यक्रमों और प्रदेश में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। खास तौर पर मनरेगा और एसआईआर जैसे मुद्दों पर पार्टी का रुख तय किया जाएगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि आने वाले दिनों में राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन, धरना और आंदोलनों की रूपरेखा भी इसी बैठक में तय की जाएगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति बनाई जाएगी।

राहुल गांधी की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की स्थिति को और मजबूत करना है। आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह तय किया जाएगा कि किन जिलों और क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियां बढ़ाई जाएं और किन मुद्दों पर अभियान चलाया जाए।

बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत संगठन की स्थिति को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। वहीं भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के अनुभव और भूमिका को संगठन के लिए अहम माना जा रहा है।

इस बैठक के बाद कांग्रेस छत्तीसगढ़ में आगामी आंदोलनों और कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस बैठक के फैसलों का असर सीधे कार्यकर्ताओं और आम जनता तक पहुंचेगा। ऐसे में आने वाले हफ्तों में प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं।