पुरंदर मिश्रा का हिंदुत्व राजनीति के साथ ‘सामाजिक तानाबान’ बुनने के महरथी! लिख रहे सियासत की एक नई पटकथा

'जब तक समाज में विषमता है, तब तक समाजिक न्याय की आवश्यकता है'। ये शब्द पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग

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  • Updated On - April 29, 2024 / 02:39 PM IST

रायपुर (छत्तीसगढ़)। ‘जब तक समाज में विषमता है, तब तक समाजिक न्याय की आवश्यकता है’। ये शब्द पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee) ने ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की ज़रूरत ज़ाहिर करने के लिए कहे थे। ठीक इसी के अनुरूप पहली बार विधायक बने भाजपा नेता पुरन्दर मिश्रा (MLA Purandar Mishra) ने इन दिनों एक ऐसे ही अभियान की शुरुआत की है। जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।उनका मानना है, कहीं कोई जीत रहा है तो उस जीत में हर समुदाय का योगदान है। जब भी कोई पूर्ण बहुमत की सरकार बनती है, तो हर समुदाय वोट देता है। ऐसे में इन समाजों के लोगों को संजोए रख पाना ही एक बड़ी चुनौती है।

  • दरअसल पुरंदर मिश्रा ने एक ऐसे सामाजिक अभियान की शुरुआत की है। जिसे हर जनप्रतिनिधि को करना चाहिए। मिश्रा जी ने अपने क्षेत्र के हर समाजों के प्रमुखों और उनसे जुड़े सैकड़ों लोगों को अपने यहां रोज आमंत्रित कर रहे हैं। जिनके साथ एक स्वतंत्र व स्वच्छ वातावरण में घंटों चर्चा कर उनके साथ लजीज व्यंजनों के साथ बने पकवान के साथ पारिवारिक वातावरण में एक समय का भोजन साथ कर रहे हैं।

रायपुर उत्तर विधानसभा के भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा हैं तो पहली बार के विधायक पर विधायकी का अनुभव उन्हें 20 वर्षों से भी ज्यादा का है।बात दरअसल यह है कि मिश्रा जी में एक जनप्रतिनिधि होने के तमाम गुण होने के बावजूद उन्हें अब तक विधानसभा की टिकट नहीं मिली थी।बावजूद वे अपने कर्मभूमि बसना विधानसभा के आम जनता की सेवा में उसी गति से लगे रहे जैसा कोई विधायक। उनका यही जुनून कहें या भगवान जगन्नाथ के अनन्य भक्त होने का उन्हें आशीर्वाद मिला कि पार्टी ने इस बार अप्रत्याशित रूप से उस जगह से उन्हें उम्मीदवार बना दिया जिसकी कल्पना किसी को भी नहीं थी और उन्होंने यह चुनाव भारी अंतर से जीत कर साबित भी कर दिया कि वे इसके हकदार तो बहुत पहले से थे। परंतु इस चुनाव ने उन्हें बहुत कुछ नया सीखने का अनुभव दिया।जिसे वे तभी भलीभांति जान गए थे। और उसी अनुभव के आधार पर ऐसे अभियान में लग गए हैं कि सभी समाज में उनके विधायक होने का गर्व महसूस किया जा रहा है।

इस क्रम में गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर के सभागृह में इसकी शुरुआत जब सिंधी समाज से जुड़े प्रमुखों, उनके नेताओं और पदाधिकारी से हुई तो।समाज के लोगों को भी लगा पहली बार कोई विधायक है जो इस तरह का पहल कर रहा है।बड़ी संख्या में उपस्थित इस भेंट मुलाकात में मुखी मन्नूमल, चेंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष अमर परवानी, भाजपा नेता रामू जगदीश रोहड़ा, भाजपा नेता श्रीचंद सुंदरानी, अशोक बजाज और भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक नेनवानी जैसे लोग उपस्थित थे।विधायक पुरंदर मिश्रा ने सभी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और सिंधी समाज के विकास के लिए जरूरी कार्य और लंबित समस्याओं पर विचार विमर्श कर समाज के लोगों को आश्वस्त किया कि वे हमेशा उनके साथ हैं।साथ ही वे यह अपील करने से नहीं चूके की आप सभी अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाया जा सके। इसके लिये यह जरूरी होगा कि रायपुर लोकसभा के प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल को रिकॉर्ड मतों से विजय बनाकर संसद में पहुंचाया जाए।

  • इस बीच पुरन्दर मिश्रा राजनीतिक बयानबाजीयों से दूर इस प्रयास में लगे हैं और दिनरात मेहनत कर रहे हैं कि लोकसभा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल को उनके विधानसभा उत्तर से कैसे ज्यादा से ज्यादा लीड मिले सके।अब सवाल उठता है, क्या विधानसभा चुनाव के नतीजे के आधार पर बीजेपी लोकसभा चुनाव में भी बढ़त हासिल कर पाएगी या विपक्ष बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा और ओबीसी वोट हो या सामाजिक समीकरण लोकसभा चुनाव के दौरान अलग तरीक़े से काम करेंगे?बहरहाल यही लगता है कि रायपुर लोकसभा में चुनौती उतनी नहीं है।

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